‘शराबबंदी’ वाले राज्य बिहार में ‘रक्षक’ बना ‘भक्षक’: शराब के नशे में धुत थाना प्रभारी ने बीच सड़क पर की 9 वर्षीय लड़की से छेड़खानी, जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने की कोशिश की; लोगों ने कर दी पिटाई

0

बिहार सरकार के लाख कोशिशों के बाद भी राज्य में अवैध रूप से शराब की बिक्री जारी है, जिसका अंदाजा आप इसी ख़बर से लगा सकते है। राज्य सरकार भले ही राज्य में ‘सुशासन’ का दावा करती हो, लेकिन राज्य में ‘रक्षक’ के ‘भक्षक’ बनने का भी मामला भी प्रकाश में आते रहता है, जिससे सरकार के दावों की पोल खुल जाती है। ऐसा ही एक मामला कटिहार जिले में देखने को मिला है, जहां एक थाना प्रभारी (एसएचओ) ने एक नाबालिग से छेडछाड करते हुए अश्लील हरकत की। हालांकि, बाद में दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उसे निलंबित कर दिया गया है।

बिहार

समाचार एजेंसी आईएएनएस ने पुलिस के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि, आरोप है कि सहायक थाना क्षेत्र के बुद्धूचक मुहल्ले में शराब के नशे में धुत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) थाना के प्रभारी कृत्यानंद पासवान ने गुरुवार की शाम नशे की हालत में बीच सड़क पर एक 9 वर्षीय लड़की के साथ छेड़खानी की और उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठाने की कोशिश की।

पुलिस को ऐसा करते देख लड़की ने शोर मचाना प्रारंभ कर दिया। लडकी की आवाज सुनकर लोग इकट्ठा हो गए और थाना प्रभारी को बंधक बनाकर पिटाई कर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि लड़की पैदल ही अपने घर लौट रही थी। थाना प्रभारी ने पहले लड़की को उसका रिश्तेदार बताकर साथ चलने की बात कही, जब लडकी तैयार नहीं हुई तब दारोगा ने जबरदस्ती की।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझााकर आरोपी थाना प्रभारी को लोगों के चंगुल से छुड़ाकर थाना ले आई।

इधर, कटिहार के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया कि थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उसे निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए भी लिखा गया है। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी के शराब सेवन को लेकर चिकित्सकीय जांच कराई गई है, जिसमें उनके शराब पीने की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की एक टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।

बता दें कि, बिहार में शराबबंदी लागू हुए कई साल हो चुके हैं। सूबे में एक अप्रैल, 2016 को शराबबंदी के पहले चरण की शुरुआत हुई थी। इसके पांचवें दिन ही यानी 5 अप्रैल को अचानक सूबे में पूर्ण शराबबंदी की घोषणा कर दी गई थी। शराबबंदी के सख्त कानून ने राज्य के दसियों हजार से ज्यादा लोगों को जेल में डाल रखा है।

Previous articleपत्रिका ‘पांचजन्य’ के संपादक हितेश शंकर के ‘मुस्लिम बहुल’ इलाके में ‘मंदिर को ध्वस्त करने वाले’ ट्वीट को दिल्ली पुलिस ने बताया फर्जी, लोगों ने झूठी अफवाह फैलाने के लिए की गिरफ्तार करने की मांग
Next articleत्रिपुरा सीमा चौकी पर आपसी झगड़े में BSF के दो जवानों की मौत, चौकी कमांडर घायल