मध्यप्रदेश: शिवराज सरकार भोपाल गैंगरेप पीड़िता को दे सकती हैं ‘राष्ट्रमाता पद्मावती अवॉर्ड’, गृह मंत्री ने किया ऐलान

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 31 अक्टूबर की रात को कोचिंग क्लास से घर लौट रही 19 साल की छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद शिवराज सरकार की काफी आलोचना हो रही है। इसी बीच ख़बर आ रहीं है कि, अब राज्य सरकार भोपाल गैंगरेप पीड़िता को रानी ‘राष्ट्रमाता पद्मावती अवॉर्ड’ से सम्मानित कर सकती है। इस बात के संकेत किसी ओर ने नहीं बल्की खुद राज्य के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने दिए हैं।

photo- ANI

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब भूपेंद्र सिंह से भोपाल गैंगरेप पीड़िता को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती अवॉर्ड’ देने पर सवाल किया गया तब उन्होंने कहा कि, उसने काफी बहादुरी से हर परिस्थिती का सामना किया और हिम्मत के साथ अपनी बात सबके सामने रखी। हम इस पर जल्द ही फैसला करेंगे कि उसे कौन सा अवॉर्ड दिया जाना चाहिए।

इंडिया टुडे की ख़बर के मुताबिक, भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वह काफी बहादुर लड़की है और उसकी हिम्मत की प्रशंसा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, अवॉर्ड देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए एक प्रपोजल भी तैयार किया जा रहा है।

राज्य में महिलाओं को सम्मानित करने के लिए कई अवॉर्ड दिए जाते हैं, लेकिन इस मामले में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लेंगे। बता दें कि, अगर भोपाल गैंगरेप पीड़िता को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती अवॉर्ड’ दिया जाता है तो वे इस सम्मान को पाने वाली पहली महिला होंगी।

बता दें कि, शिवराज ने सोमवार को राज्य में ‘पद्मावती’ फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का ऐलान करने के साथ ही रानी पद्मावती के नाम पर अवॉर्ड शुरू करने की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि राजपूत रानी पद्मावती राष्ट्रमाता हैं और उनके नाम पर जल्द ही ‘राष्ट्रमाता पद्मावती अवॉर्ड’ राज्य में शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है कि भोपाल में 31 अक्तूबर की रात को 19 वर्षीय छात्रा का कोचिंग क्लास से घर लौटते वक्त चार बदमाशों ने अपनी हैवानियत का शिकार बनाया था। छात्रा को चार लोगों ने पहले अपहरण किया और फिर गैंगरेप की वरदात को अंजाम दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने लड़की की जान लेने की भी कोशिश की लड़की को बेहोशी की हालत में छोड़कर वो वहां से फरार हो गए थे।

छात्रा शहर में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही है। बता दें कि, युवती के माता-पिता दोनों पुलिस में हैं और भोपाल से बाहर पदस्थ हैं। इस मामले में अंतत: घटना के करीब 24 घंटे बाद पीड़िता की प्राथमिकी हबीबगंज जीआरपी पुलिस थाने में बुधवार शाम को दर्ज की गयी, इसी थाना क्षेत्र में यह घटना हुई थी।

छात्रा ने बयां किया अपना दर्द

बता दें कि, इस दरिंदगी का शिकार हुई छात्रा ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां किया था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए पीड़ित छात्रा ने कहा था कि, वह अपने पिता के साथ इस थाने से उस थाने भटकी रही। लेकिन मदद के लिए कोई पुलिसवाला नहीं आया। साथ ही पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग भी की है।

पीड़िता ने कहा कि ऐसे लोगों को जीवित नहीं छोड़ा जाना चाहिए और चारों को चौराहे पर फांसी लगाना चाहिए। पीड़िता में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी खासा गुस्सा है। उसने कहा कि हबीबगंज टीआई को छोड़कर किसी ने भी उसकी मदद नहीं की, पीड़िता ने बताया कि पुलिसवाले हादसे पर ही सवाल उठा रहे थे

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