भोपाल गैंगरेप: महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम शिवराज सरकार रात 8 बजे तक कोचिंग सेंटर बंद करवाने पर कर रही विचार

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोचिंग क्लास से लौटते वक्त एक छात्रा के साथ गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी देने के बजाय शिवराज सरकार कोचिंग सेंटर को ही रात आठ बजे के बाद बंद करवाने पर विचार रही है। आपको बता दें कि भोपाल में 31 अक्टूबर को कोचिंग क्लास से घर लौट रही छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद शिवराज सरकार की काफी आलोचना हो रही है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार कोचिंग इंस्टीट्यूट एवं निजी शिक्षा केंद्र को रात आठ बजे तक बंद करवाने पर विचार कर रही है। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को सोमवार (6 नवंबर) को बताया कि, ‘‘हम इस संबंध में कोचिंग इंस्टीट्यूट एवं निजी शिक्षा केंद्र के संचालकों के साथ शीघ्र ही बैठक करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि जो कोचिंग इंस्टिट्यूट एवं निजी शिक्षा केंद्रों के संचालक रात आठ बजे के बाद अपने संस्थानों को खुला रखेंगे, उनमें कोचिंग कर रहे छात्र-छात्राओं को रात में उनके घर तक आने की सुरक्षा की जिम्मेदारी कोचिंग संचालकों की तय की जाएगी।

जोशी ने बताया कि, ‘‘स्मार्ट फोन के जरिए ये कोचिंग इंस्टिट्यूट एवं निजी शिक्षा केंद्र मोबाइल ऐप के जरिए हर छात्र की हर मूवमेंट पर नजर रखें। हम उनसे कहेंगे कि अपने छात्रों की लोकेशन ट्रैक करने का कोचिंग संचालक प्रणाली बनाएं।’’ उन्होंने कहा कि, ‘‘हमारी आईटी टीम ने सलाह दी है कि रात आठ बजे के बाद स्मार्टफोन के जरिए छात्र-छात्राओं पर नजर रखना कठिन काम नहीं है।’’

गौरतलब है कि भोपाल में 31 अक्तूबर को 19 वर्षीय छात्रा का कोचिंग क्लास से घर लौटते वक्त चार बदमाशों ने अपनी हैवानियत का शिकार बनाया था। छात्रा को चार लोगों ने पहले अपहरण किया और फिर गैंगरेप किया। इतना ही नहीं उन्होंने लड़की की जान लेने की भी कोशिश की। लड़की को बेहोशी की हालत में छोड़कर वो फरार हो गए। इस मामले में राजधानी पुलिस की बड़ी लापरवाही का भी खुलासा हुआ है।

छात्रा शहर में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि लड़की के पिता रेलवे पुलिस (आरपीएफ) में सब इंस्पेक्टर हैं। हालांकि मामला बढ़ने के बाद इस घटना को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन में दो आईपीएस अधिकारियों सहित तीन पुलिस अधिकारियों का तबादला किया और तीन पुलिस थाना प्रभारियों सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था।

‘आरोपियों को चौराहे पर दी जाए फांसी’

सामूहिक दुष्कर्म की पीड़ित छात्रा ने आरोपियों को चौराहे पर फांसी की सजा देने की मांग की है। उसका कहना है कि पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। पीड़िता के मुताबिक जब वह थाने गई, तो उसे दूसरे थाने भगाया गया। इससे वह काफी आहत है। पीड़िता ने कहा कि कोई भी अपराधी दोबारा ऐसा करने का साहस न करे, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, उन्हें मार देना चाहिए, चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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