बीफ बैन पर घमासान: BJP ने कहा- मेघालय में गोमांस प्रतिबंधित करने के लिए नहीं उठाया गया कोई कदम

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वध के लिए पशुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और बीफ खाने को लेकर को लेकर चल रहा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कई राज्य इस कानून का विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर बैन लगाने का न सिर्फ विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) में भी हंगामा मचा हुआ है।इस बीच बीजेपी ने मंगलवार(6 जून) को उन खबरों को ‘फर्जी और द्वेषपूर्ण झूठ’ करार दिया, जिनमें कहा गया था कि पार्टी मेघालय में गोमांस पर प्रतिबंध लगाना चाहती है। बता दें कि पार्टी के एक और नेता ने मवेशियों पर केंद्र की विवादित अधिसूचना के खिलाफ इस्तीफा दे दिया दिया है। पार्टी ने कहा कि ऐसा कोई भी फैसला राज्य सरकार के हाथ में है।

मेघालय में बीजेपी के प्रभारी नलिन कोहली ने इस ‘द्वेषपूर्ण झूठ’ को फैलाने के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि अगले साल चुनावी मैदान बनने जा रहे इस राज्य में कांग्रेस राजनीतिक एजेंडे का सांप्रदायीकरण कर रही है। आपको बता दें कि नॉर्थ गारो हिल्स जिले के बीजेपी अध्यक्ष बाचू मारक ने वध के लिए बेचे जा रहे मवेशियों की बिक्री पर केंद्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में पार्टी से सोमवार को इस्तीफा दे दिया था।

इस्तीफे के बाद बाचू ने कहा कि मैं गारो लोगों की भावनाओं से समझौता नहीं कर सकता। एक गारो होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपने समुदाय के हितों की रक्षा करूं। गोमांस खाना हमारी संस्कृति का हिस्सा और परंपरा है। बीजेपी की ओर से हम पर गैर-धर्मनिरपेक्ष विचारधारा थोपा जाना स्वीकार्य नहीं है। वाचू से पहले बीफ पार्टी की घोषणा करने वाले नेता बर्नाड मारक ने भी बीफ बैन के मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया था।

कोहली ने कहा कि पार्टी ने उनके इस्तीफे का ‘स्वागत’ किया, क्योंकि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जा रही है। वह और कुछ अन्य लोग पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के राज्यों में गोमांस खाना आम है और बीजेपी के प्रतिद्वंद्वियों ने उस पर आरोप लगाया है कि वह इस क्षेत्र में भी प्रतिबंध लगाने पर काम कर रही है। बीजेपी के कई नेता गोमांस खाने के खिलाफ बेहद मुखर रहे हैं।

कोहली ने आगे कहा कि ‘कांग्रेस का ‘कुनीति’ विभाग इस फर्जी और द्वेषपूर्ण झूठ के साथ एजेंडे का सांप्रदायीकरण की कोशिश कर रहा है कि बीेजपी मेघालय में गौमांस पर प्रतिबंध लगाना चाहती है। कोहली ने कहा कि ‘सत्य से परे कुछ भी नहीं है, क्योंकि हमारी संवैधानिक व्यवस्था के तहत, केंद्र सरकार उस क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं कर सकती, जिसमें राज्य सरकार को फैसला लेना होता है।

उन्होंने कहा कि मेघालय का भाजपा का एक सूत्रीय एजेंडा ‘सबका साथ सबका विकास’ है और वह विकास के अपने सकारात्मक एजेंडे पर विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो रही है। कोहली ने कहा कि वह मुकुल संगमा की कांग्रेस सरकार के तहत किए गए ‘भारी भ्रष्टाचार, अधूरे वादों और विकास की कमी’ को भी उजागर करेगी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने प्रदर्शन पर बहस से भाग रही है।

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