रिपब्लिक टीवी के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने लाइव टीवी पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से दिया इस्तीफा

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अंग्रेजी समाचार चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ के विवादास्पद एंकर और संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने लाइव टीवी पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से अपना इस्तीफा देने का ऐलान किया। इस लाइव टीवी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। गोस्वामी ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान फेक न्यूज के खिलाफ नहीं बोलने के लिए वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता पर भी निशाना साधा, जो एडिटर्स गिल्ड के अध्यक्ष हैं।

अर्नब गोस्वामी

अर्नब गोस्वामी महाराष्ट्र के पालघर में दो हिंदू साधुओं सहित तीन लोगों की भीड़ द्वारा की गई हत्या पर ’उदारवादियों’ द्वारा चुप्पी पर चर्चा कर रहे थे। रिपब्लिक टीवी के संस्थापक शेखर गुप्ता सहित कुछ वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा चुप्पी पर भी दुखी थे। शेखर गुप्ता के खिलाफ अपने भाषण का शुभारंभ करते हुए अर्नब गोस्वामी ने लाइव शो में कहा, “शेखर गुप्ता, आप पहले मुझसे सुनिए। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की जो भी विश्वसनीयता बची है, वो फेक न्यूज पर अपनी अपमानजनक चुप्पी से बर्बाद हो गई है। ये एक स्वयं सेवी संस्था रही है।”

पैनल में शामिल बाकी लोगों को थोड़ी देर रोकने के बाद अर्नब गोस्वामी ने फिर कहा, “मैं लंबे समय से एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया का सदस्य रहा हूं और मैं लाइव टीवी पर, एडिटोरियल एथिक्स पर इसके समझौते, केवल व्यक्तिगत हितों के लिए काम के लिए एक संगठन होने के लिए इससे इस्तीफा दे रहा हूं। शेखर गुप्ता, मैं आप पर आरोप लगाता हूं कि आपने इस तरह की घटनाओं पर बात न कर के पत्रकारिता पर समझौता किया है।”

गुप्ता को चैलेंज करते हुए अर्नब गोस्वामी ने कहा, “जिस दिन शेखर गुप्ता COVID-19 के दौरान फर्जी खबरों के खिलाफ बोलने की हिम्मत दिखाएंगे, उसके बाद गिल्ड का कुछ मूल्य होगा।” टीवी पर कुछ पैनलिस्टों को सहमत और यहां तक कि तारीफ करते देखा गया।

गोस्वामी ने बॉलीवुड सितारों पर भी सवाल उठाते हुए अपने दर्शकों से पूछा कि अगर पीड़ित गैर-हिंदू होते तो क्या वो इसी तरह चुप रहते। उन्होंने कहा, “मैं अपने प्रिय दर्शकों से पूछता हूं। अगर ये भाजपा द्वारा चलाए जा रहे राज्य में हुआ था और जिन लोगों की लिंचिंग की गई है, अगर वो हिंदुओं की बजाय, किसी अल्पसंख्यक समुदाय से होते, तो नसीरुद्दीन शाह, अपर्णा सेन और अनुराग कश्यप और वो पूरी अवार्ड वापसी गैंग, क्या वो आज गुस्से में वहीं होते?”

बता दें कि, कोरोना लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक बार फिर से मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) की घटना सामने आई है। यहां दो साधुओं सहित तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 110 आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसमें 9 नाबालिग भी शामिल हैं।

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