जोमैटो विवाद: मुस्लिम डिलीवरी बॉय से खाना लेने से इनकार करने वाले ग्राहक को ABP न्यूज़ की रुबिका लियाकत ने दिया शानदार जवाब

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ऑनलाइन आर्डर और फूड डिलीवरी करने वाली मशहूर कंपनी जोमैटो ने धार्मिक आधार पर नफरत फैलाने वाले एक शख्स को करारा जवाब दिया है, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। दरअसल, मंगलवार रात को अमित शुक्ला नाम के जोमैटो के एक ग्राहक ने ट्वीट करके जानकारी दी कि उसने अपने खाने का ऑर्डर इसलिए कैंसिल कर दिया, क्योंकि उसका डिलीवरी ब्वॉय हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम था। इसी ट्वीट पर जोमैटो द्वारा ग्राहक को दिया शानदार जवाब इंटरनेट पर तारीफें बटोर रही है।

रुबिका

जोमैटो ने गैर-हिंदू डिलिवरी बॉय से खाना लेने से इनकार करने वाले अमित शुक्ला को शानदार जवाब देकर देशभर का दिल जीत लिया है। देशभर में जोमैटो के समर्थन में सोशल मीडिया पर तमाम लोग खड़े हैं। इस बीच एक अन्य ऑनलाइन फूड सर्विस वेबसाइट उबर ईट्स इंडिया ने भी जोमैटो का खुलकर समर्थन किया है। बड़ी खबर यह है कि जोमैटो को उसके प्रतिद्वंद्वी उबर ईट्स से सोशल मीडिया पर ट्वीट कर समर्थन मिला है। उबर इट्स इंडिया ने ट्वीट किया, जोमैटो हम आपके साथ खड़े हैं।

वहीं, ABP न्यूज़ की मशहूर एंकर रुबिका लियाकत ने भी ट्वीट कर शानदार जवाब दिया है। रुबिका ने अमित शुक्ला के ट्वीट कर पलटवार करते हुए लिखा, “अमित मेरी भाषा में आप को ज़हनी तौर पर बीमार बहुत बिमार कहा जाएगा। ट्विटर क्यूँ इस्तमाल कर रहे हो non Hindu इसका founder है। तेल के बारे में तो सोचना भी मत मुस्लिम देश से आता है। बेहूदगी की जीती जागती मिसाल। @ZomatoIN well done”

इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और पूर्व निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने जोमैटो के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा कि मैंने अभी तक जोमैटो से खाने का ऑर्डर नहीं दिया है, लेकिन अब मैं सोच रहा हूं कि अब जोमैटो से ही खाने का ऑर्डर करूंगा।

वहीं, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने भी जेमौटो के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। उन्होंने जोमैटो के मालिक दीपेंद्र गोयल को भारत का असली हीरो बताते हुए लिखा, ”दीपेंद्र गोयल को सलाम, आप भारत के असली हीरो हैं। आप पर गर्व है।”

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, मध्य प्रदेश के जबलपुर में अमित शुक्ला नाम के ग्राहक ने ने जोमैटो के डिलीवरी बॉय से सिर्फ इसलिए खाना नहीं लिया क्योंकि वह गैर-हिंदू था। ऑर्डर रद्द करने वाले अमित शुक्ला ने मंगलवार रात को लिखा, ”अभी जोमैटो पर एक ऑर्डर कैंसिल कर दिया। उन्होंने एक गैर हिंदू राइडर (डिलीवरी ब्वॉय) को खाने की डिलीवरी के लिए भेजा। इस पर उन्होंने राइडर बदलने से मना कर दिया और ऑर्डर कैंसिल करने और रिफंड के लिए मना कर दिया।”

इसके बाद एक अन्य ट्वीट में मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहने वाले अमित शुक्ला की तरफ से कई स्क्रीनशॉट ट्विटर पर जारी किए गए और पूरे मामले को विस्तृत बताया गया। इसके बाद एक दूसरे ट्वीट में अमित शुक्ला ने जोमैटो के साथ हुए अपनी बातचीत के स्क्रीन शॉट भी शेयर किए। इसके साथ उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को अपने वकीलों के सामने उठाएंगे।

शुक्ला ने ऑर्डर कैंसिल का जो स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें उनके खाने का ऑर्डर फैयाज नाम के डिलिवरी बॉय ला रहे थे। उनकी जानकारी में दिया है कि वो जबलपुर के ही रहने वाले हैं, हिंदी और अंग्रेजी बोलना जानते हैं और हायर एजुकेशन की पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं।

जोमैटो की तरफ से समाज में नफरत फैलाने वाले इस शख्स को करारा जवाब दिया गया है। पहले ये जवाब जोमैटो ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से दिया और बाद में खुद जोमैटो के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने भी ट्वीट कर दिया है। शुक्ला को जवाब देते हुए जोमैटो ने लिखा, “खाने का कोई धर्म नहीं होता है। खाना खुद एक धर्म है।”

जोमैटो की ओर से इस करारा जवाब के बाद कंपनी का फाउंजर दीपिंदर गोयल ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हमें भारत के विचार पर गर्व है। और हमारे सम्मानित ग्राहकों और भागीदारों की विविधता। हमें अपने मूल्यों के रास्ते में आने वाले किसी भी व्यवसाय को खोने का अफसोस नहीं है।’ इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोग जोमैटो की खूब तारीफ कर रहे हैं।

जोमैटो और उसके फाउंडर की तरफ से जिस तरह इस मामले में जवाब दिया गया है, उससे कंपनी ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। साथ ही लोगों ने पंडित अमित शुक्ल जिन्होंने इस ट्वीट के जरिए समाज में नफरत फैलाने की नाकाम कोशिश की उनको जमकर खरी-खोटी सुना रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें बुरी तरह से ट्रोल किया जाने लगा है और समाज में नफरत फैलाने वाला करार दिया गया।

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