प्रणब मुखर्जी को मिले भारत रत्न पर AAP नेता संजय सिंह ने उठाए सवाल, बोले- “एक बार RSS की शाखा में जाओ भारत का रत्न बन जाओ”

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रसिद्ध संगीतकार भूपेन हजारिका, एवं आरएसएस से जुड़े नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि नानाजी देशमुख एवं भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही राजनीति-सामाजिक जगत की हस्तियों ने इसका स्वागत किया है।

7 जून 2018 को नागपुर स्थित RSS के कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी। File Photo: Reuters

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य राजनीतिक दलों ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न मिलने पर बधाई दी है। लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी को मिले भारत रत्न पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को निशाने पर लिया है। संजय सिंह ने एक ट्वीट में कहा है कि प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रशंसा करने के दिया गया है।

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा है, “भाजपा की भारत रत्न योजना “एक बार संघ की शाखा में जाओ भारत का रत्न बन जाओ” मज़ाक़ बना दिया भारत रत्न का।”

एक अन्य ट्वीट में AAP नेता ने कहा है- “नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, शहीदे आज़म भगत सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया, स्व. ध्यानचंद को आज तक भारत रत्न नही, नानाजी देशमुख, भूपेन हज़ारिका और AAP के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने का मामला आगे बढ़ाने वाले संघ के प्रशंसक प्रणव दा को भारत रत्न।”

सिंह ने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा है, “भारत रत्न: स्व.नाना जी देशमुख पूर्व सांसद BJP समाजसेवी, स्व.भूपेन हज़ारिका पूर्व MP candidate BJP अद्दभूत गायक, आदरणीय प्रणव दा पूर्व राष्ट्रपति और संघ के कार्यक्रम में शामिल।”

RSS के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हुई थी काफी बहस

बता दें कि तमाम कांग्रेस नेताओं की नाराजगी को नजरअंदाज कर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पिछले साल जून महीने में बतौर मुख्य अतिथि नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के मुख्यालय पहुंचे थे। यहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुलदस्‍ता भेंटकर पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी का स्‍वागत किया था। जिसके बाद मुखर्जी ने आरएसएस के कार्यक्रम को संबोधित किया था। कांग्रेस के कई नेताओं ने इसपर आपत्ति जताई थी। कुछ महीने पहले संघ के कार्यक्रम में उनके शामिल होने को लेकर भी काफी बहस हुई थी।

जानें कौन हैं भारत रत्न पाने वाले?

राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे। वह यूपीए प्रथम और द्वितीय सरकारों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वहीं, संघ से जुड़े नानाजी देशमुख पूर्व में भारतीय जनसंघ से जुड़े थे। 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मंत्री पद स्वीकार नहीं किया और जीवन पर्यन्त दीनदयाल शोध संस्थान के अन्तर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार हेतु कार्य करते रहे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था।

वाजपेयी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये पद्म विभूषण भी प्रदान किया। जबकि भूपेन हजारिका पूर्वोत्तर राज्य असम से ताल्लुक रखते थे। अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे। उन्होने फिल्म “गांधी टू हिटलर” में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन “वैष्णव जन” गाया था। उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

 

 

 

 

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