चुनाव आयोग की चुनौती पर AAP का पलटवार, कहा- बिना EVM खोले क्या कोई मंत्र पढ़कर हैक करेगा?

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हाल ही में हुए पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वनीयता पर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग शनिवार(20 मई) को इस संबंध में शंकाओं को दूर करने के लिए एक सार्वजनिक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम हैक करने की चुनौती दी है।

फोटो: HT

चुनाव आयोग ने ईवीएम से छेड़छाड़ की बात करने वाले राजनीतिक दलों को अपने आरोप साबित करने की खुली चुनौती दी है। पांच राज्यों के चुनाव में भाग लेने वाले सभी राजनीतिक दलों को 3 जून को यह मौका दिया जाएगा कि वे ईवीएम में किसी तरह की गड़बड़ी की बात साबित कर सकें।

इस मौके पर बोलते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त(सीईसी) नसीम जैदी ने कहा कि 3 जून से राजनीतिक दलों को EVM से छेड़छाड़ साबित करने का मौका मिलेगा। जैदी ने कहा कि पार्टियों को अपने तीन प्रतिनिधि भेजने की छूट होगी। शर्त यह रहेगी कि वे भारतीय नागरिक हों।

उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को 26 मई की शाम पांच बजे तक अपनी टीम का नाम आयोग के पास भेजना होगा। इस टीम को चार घंटे का समय दिया जाएगा। इस दौरान पार्टियां को ईवीएम मशीन के कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट पर दिए गए बटनों को दबाकर या फिर ब्लूटूथ अथवा मोबाइल फोन जैसे किसी बाहरी उपकरण की मदद से आरोपों को साबित करने का मौका दिया जाएगा।

AAP का पलटवार

वहीं, आम आदमी पार्टी(AAP) ने चुनाव आयोग पर पलटवार किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने शनिवार शाम प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग ने आज जो EVM हैक करने की चुनौती दिया है उसमें जरा सी भी स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि हैकॉथन का मतलब होता है कि हैकर्स को खुली छूट दी जाये कि वो कुछ भी करे और EVM को हैक करके दिखाए।

सिंह ने कहा कि हम फिर से चुनाव आयोग से निवेदन करते हैं कि लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखने के लिये खुली छूट के साथ अपने सामने हैकथॉन का मौका दे। अगर EVM को खोलने नहीं देंगें उसके पुर्जे को समझने नहीं देंगे तो मंत्र पढ़कर बाहर से तो EVM को हैक तो किया नहीं जा सकता। सिंह ने कहा कि बिना मशीन खोले,बिना चिप और मदरबोर्ड देखें, क्या कोई मंत्र फूंक कर EVM को हैक करेगा, यह बड़ा हास्यास्पद है।

सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्वयं मीडिया के माध्यम से कहा था कि वो हैकथॉन की चुनौती के लिये तैयार है, लेकिन अब क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि आखिर किसके दबाव में चुनाव आयोग रोज फैसले बदल रहा है? क्यों राजनैतिक दलों की मांग चुनाव आयोग नहीं पूरी कर रहा?

इसके साथ ही संजय सिंह ने अपना यह सवाल ट्वीट भी किया। उन्‍होंने लिखा, ”अरे भाईसाहेब जब मशीन छूने ही नही देगा चुनाव आयोग तो कौन सा मंतर पढ़कर हैक किया जाएगा? मशीन खोलकर देखने दीजिए तब पता चलेगा खेल।” सिंह ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि, किसके दबाव में हैकथॉन से पलटा चुनाव आयोग? अगर EVM टेंपर प्रूफ है तो हैकथॉन क्यों नही करा रहा आयोग? सिर्फ BJP को EVM पर भरोसा क्यों?

दरअसल, आम आदमी पार्टी की यह प्रतिक्रिया चुनाव आयोग के उस शर्त के बाद आया है जिसमें जैदी ने कहा कि इस दौरान पार्टियों के प्रतिनिधियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप काम करना होगा। उन्हें मशीनों को खोलने या पुर्जे बदलने की छूट नहीं होगी।

जैदी ने कहा कि उन्हें ईवीएम की मदरबोर्ड बदलने और गड़बड़ी को बाद की तारीख में साबित करने के लिए उसे घर ले जाने की इजाजत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ईवीएम में किसी तरह की छेड़छाड़ मुमकिन ही नहीं है। इसके अंदरूनी सर्किट को बदला नहीं जा सकता। जिन लोगों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, उन्होंने अब तक कोई सुबूत रखे नहीं हैं।

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