उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाए जाने के बाद उसे गंभीर हालत में गुरुवार को लखनऊ से एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की हालत बेहद गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा है। इस केस में अब एक नया मोड़ सामने आया है। घटना के मुख्य आरोपी की बहन ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। बहन का आरोप है कि राजनीतिक साजिश के चलते उसके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।
नाम उजागर न करने की शर्त पर लड़की ने कहा कि राजनीतिक साजिश के चलते उसके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की ने कहा, “मेरा भाई शुभम और मेरे पिता हरि शंकर को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि मेरी मां कुंदनपुर ग्राम पंचायत की मुखिया हैं। मैं इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करती हूं, ताकि सच्चाई का पता लग सके।”
शुभम और हरि शंकर सहित तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने पीड़िता के बयान के पर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की बहन ने कहा है कि उसके भाई को पहले भी दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है और वह भी झूठा है। लड़की ने आगे कहा कि वह पीड़िता के प्रति सहानुभूति रखती है, लेकिन वह अपने भाई और पिता के लिए भी लड़ेगी, जिन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।
गौरतलब है कि, उन्नाव में गुरुवार तड़के कुछ लोगों ने रायबरेली अपने वकील से मिलने जा रही दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाकर मारने का प्रयास किया, जिससे वह करीब 90 प्रतिशल झुलस गई। पीड़िता को इसी दिन शाम लखनऊ लाया गया और तत्पश्चात सफदरगंज अस्पताल में उपचार के लिए पीड़िता को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया।
अस्पताल ने बयान जारी कर रहा है कि पीड़िता की हालत लगातार गिरती जा रही है, उसके बचने की उम्मीद बहुत कम है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि पीड़िता बहुत गंभीर स्थिति में है। उनकी जीवित रहने की न्यूनतम संभावनाएं हैं। अब, हमने उसे वेंटिलेटर पर रखा है।
राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी.सिंह से घटना पर एक रिपोर्ट मांगी है।