राजधानी दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने के दो दिन बाद सुखपाल सिंह खैरा ने मंगलवार (8 जनवरी) को अपने नए राजनीतिक दल का ऐलान कर दिया। खैरा ने बताया कि नई पार्टी का नाम पंजाबी एकता पार्टी रखा गया है और यह पूरी तरह पंजाब केंद्रित और क्षेत्रीय दल होगा।

पीटीआई के मुताबिक, सबसे खास बात यह है कि इस दौरान आम आदमी पार्टी के छह विधायक- कंवर सिंह संधू, जगदेव सिंह कमालु, जगतार सिंह हिस्सोवाल, पीरमल सिंह खालसा, मास्टर बलदेव सिंह और नाजर सिंह मानशहिया मौजूद थे। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से हटाए जाने के छह महीने बाद रविवार को खैरा ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी।
खैरा ने हालांकि, विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। खैरा 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर कपूरथला जिले के भुलत्थ से चुने गए थे। भाषा के मुताबिक, खैरा ने इससे पहले पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके‘‘तानाशाही’’ रवैये ने भारतीयों और पंजाबियों के दशकों पुराने सड़े गले प्रणाली के विकल्प के सपने को चकनाचूर कर दिया।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी रह चुके और दिसंबर 2015 में कांग्रेस छोड़ कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले खैरा ने अपना इस्तीफा केजरीवाल को भेजा। अपने पत्र में खैरा ने आरोप लगाया कि अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद जिस मकसद से पार्टी का गठन किया गया था, यह उस विचारधारा और सिद्धांत से पूरी तरह भटक गई है ।
खैरा और पार्टी के एक अन्य बागी विधायक कंवर संधू को पिछले साल नवंबर में पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित कर दिया गया था। बता दें कि अभी हाल ही में एचएच फूलका ने भी आप से इस्तीफा दे दिया था। फूलका ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार को पार्टी से अपना इस्तीफा सौंपा था। सुखपाल खैरा आम आदमी पार्टी के पंजाब के नेता विपक्ष रह चुके हैं और कपूरथला जिले के भुलत्थ से विधायक हैं।


















