केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार (3 मार्च) को कहा कि देश में मूत्र से यूरिया का निर्माण होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो हमें उर्वरक आयात की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गडकरी नागपुर नगर निगम के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कचरे से ईंधन बनाया जा रहा है जो पर्यावरण के लिए अनुकूल है। उन्होंने कहा कि देश में मूत्र से यूरिया निर्माण होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो हमें उर्वरक आयात की जरूरत नहीं पड़ेगी।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने हवाई अड्डों पर मूत्र जमा करने को कहा है। हम यूरिया आयात करते हैं, लेकिन अगर हम पूरे देश में मूत्र जमा करना शुरू कर दें तो हमें यूरिया के आयात की जरूरत ही नहीं होगी। इसमें इतनी क्षमता है और कुछ भी नष्ट नहीं होगा।’’
नागपुर नगर निगम के मेयर इनोवेशन अवॉर्ड्स कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए गडकरी ने बातें कहीं। केंद्रीय मंत्री ने एक मिसाल देते हुए कहा कि किस तरह प्राकृतिक कचरे से बायो-ईंधन बनाया गया। उन्होंने कहा कि यहां तक कि मानव मूत्र जैव-ईंधन बनाने में काम आ सकता है और इसका इस्तेमाल अमोनियम सल्फेट और नाइट्रोजन बनाने में किया जा सकता है।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की हाल की कुछ टिप्पणियों को लेकर उनकी पार्टी बीजेपी असहज स्थिति में आ गई है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता गडकरी हाल ही में उस समय सुर्खियों में थे, जब वह तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद भगवा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए नजर आ रहे थे।
गडकरी की हाल की कुछ टिप्पणियों को लेकर अभी पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने गडकरी की तारीफ करते हुए कहा था कि बीजेपी में गडकरी इकलौते ऐसे नेता हैं, जिनमें कुछ हिम्मत है। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सच बात कहने का साहस दिखाया है और उम्मीद है कि वह अन्य मुद्दों पर भी इसी तरह की बेबाकी से अपनी बात कहेंगे।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा था, ‘‘गडकरी जी, बधाई। भारतीय जनता पार्टी में आप एक मात्र नेता है जिनमें कहने का कुछ साहस है। कृपया राफेल और अनिल अम्बानी, किसानों की दुर्दशा और संस्थानों को बर्बाद किए जाने के बारे में भी कुछ कहिए।’’ बाद में उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ओह, गडकरी जी। माफी चाहता हूं। मैं सबसे महत्वपूर्ण विषय- नौकरी को भूल गया था।”



















