श्रीलंका में मुसलमानों और मस्जिदों पर हमले के बाद सांप्रदायिक दंगे को फैलने से रोकने के लिए 10 दिन के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। श्रीलंका के कैंडी जिले में इस हिंसा की शुरुआत हुई, जिससे निपटने के लिए सरकार ने आपातकाल का ऐलान किया है। इस बीच दिग्गज श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
File Photoश्रीलंका के पूर्व दिग्गज कप्तान और विश्व के जाने माने पूर्व दिग्गज क्रिकेटर कुमार संगकारा ने ट्विटर पर लिखा है, “श्रीलंका में किसी भी व्यक्ति को अपनी जाती या धर्म के कारण हाशिए पर नहीं धकेला जा सकता है। हम एक हैं और हमारा देश एक है। प्रेम, विश्वास और स्वीकृति हमारी मुख्य धारणा होनी चाहिए। नस्लवाद और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। सभी एक साथ खड़े हों और खुद को मजबूत करें।”
No one in Sri Lanka can be marginalized or threatened or harmed due to their ethnicity or religion. We are One Country and One people. Love, trust and acceptance should be our common mantra. No place for racism and violence. STOP. Stand together and stand strong.
— Kumar Sangakkara (@KumarSanga2) March 7, 2018
संगकारा के अलावा एक और पूर्व महान श्रीलंकाई खिलाड़ी महेला जयवर्धने ने भी ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा है, “हाल में हुई हिंसा कि मैं कड़ी निंदा निंदा करता हूं, इस हिंसा में शामिल सभी आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति के हों। मैं गृह युद्ध में बड़ा हुआ जो 25 साल तक चली और मैं नहीं चाहता कि अगली पीढ़ी भी उसी दौर से दोबारा गुजरे।”
I strongly condemn the recent acts of violence & everyone involved must be brought to justice regardless of race/ religion or ethnicity. I grew up in a civil war which lasted 25 years and don’t want the next generation to go through that.
— Mahela Jayawardena (@MahelaJay) March 7, 2018
इन खिलाड़ियों द्वारा जाति-धर्म से ऊपर उठकर हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की अपील के बाद विश्वभर में इनकी सराहना हो रही है। वहीं इस बीच पिछले दिनों केरल में एक आदिवासी शख्स की हत्या को लेकर विवादित ट्वीट करने वाले भारतीय क्रिकेटर विरेंद्र सहवाग सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। लोगों का कहना है कि सहवाग श्रीलंकाई खिलाड़ियों से सीख ले सकते हैं।
दरअसल, पिछले महीने केरल के पलक्कड़ जिले में मधु नाम के एक आदिवासी युवक की भीड़ ने चोरी के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना पर सहवाग ने धार्मिक रंग देते हुए एक विवादित ट्वीट किया था। जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना हुई थी। हालांकि, ‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा खबर चलाए जाने के बाद उन्होंने अपनी गलती मानते हुए ट्विटर पर लोगों से माफी मांग ली थी। लेकिन ऐसा लग रहा है कि यह विवाद सहवाग का पीछा छोड़ने वाला नहीं है, श्रीलंकाई खिलाड़ियों के ट्वीट के बाद एक बार फिर लोगों के निशाने पर आ गए हैं।
Kuch seekh le @virendersehwag https://t.co/5kFrVv4Dg1
— नवेन्दु (@NavenduSingh_) March 7, 2018
https://twitter.com/TVMosandasPai/status/971342141757763584?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Findia%2Fsri-lankan-cricketing-legends-sehwag-learn%2F175753%2F
और एक हमारे क्रिकेटर है, सिर्फ सत्ता की चाटुकारी करते है ताकी कोई अवार्ड मिल जाए! @virendersehwag
— ठाए-ठाए प्रदेश⏺ (@samajwadi_) March 7, 2018
Sehwag to paltu hogya hai
— فراز ? मलंग Malang. (@wowkeel) March 7, 2018
Some tips for @virendersehwag bhaiya
— RamgarhKaWaasi (@RamgarhKaWaasi) March 7, 2018
https://twitter.com/pankajmishra23/status/971321625055461377
https://twitter.com/Nambbali/status/971314817091952640?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Findia%2Fsri-lankan-cricketing-legends-sehwag-learn%2F175753%2F
https://twitter.com/SpaceCrazy/status/971283502091177984?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Findia%2Fsri-lankan-cricketing-legends-sehwag-learn%2F175753%2F
क्या है सहवाग का मामला?
दरअसल, मधु नाम का मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक पर खाने के लिए दुकानों से सामान चुराने का आरोप लगाकर उसकी घंटों पिटाई की। पुलिस के आने पर उसे उल्टियां हुईं और वो बेहोश हो गया। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी अप्राकृतिक मौत मौत हो गई। इस मामले पर सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘यह सभ्य समाज के लिये कलंक की तरह है।’ उन्होंने ट्वीट पर तीन आरोपियों के नाम भी लिखे जो कि मुस्लिम समुदाय से थे जिससे यह मामला मुसलमानों द्वारा एक हिन्दू की हत्याय का मामला लगा।
सहवाग के इस ट्वीट पर आठ घंटे के दौरान तीन हजार लोगों ने जवाब दिया। ज्यादातर लोगों ने सहवाग से पूछा था कि आप इस अपराध के पीछे धर्म को क्यों शामिल कर रहे हैं? इस मामले में पुलिस ने अभी तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, फिर तीन मुस्लिम आरोपियों का नाम ही सहवाग ने क्यों ट्वीट किया?
हालांकि बाद में मामले के तूल पकड़ने पर सहवाग ने बाद में इस मामले में माफी मांग ली और अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, ‘गलती को नहीं मानना दूसरी गलती है। मैं इस बात के लिये माफी चाहूंगा कि मुझसे और आरोपियों के नाम अधूरी जानकारी की वजह से छूट गए थे। लेकिन मेरा ट्वीट किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं था। हत्यारे धार्मिक रूप से अलग भले हों लेकिन हिंसक मानसिकता की वजह से वे एक हैं।’