#JKRImpact: केरल में आदिवासी युवक की हत्या पर ट्वीट कर फंसे वीरेंद्र सहवाग, ‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा खबर चलाए जाने के बाद मांगी माफी, लेकिन नहीं किया ट्वीट डिलीट

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केरल के पलक्कड़ जिले में एक आदिवासी व्यक्ति की भीड़ ने चोरी के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्‍लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने शनिवार(24 फरवरी) को ट्वीट कर निंदा की। लेकिन वह सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आया। यूजर्स ने सहवाग के इस ट्वीट पर उनकी अलोचना करना शुरु कर दी। लोगों का कहना है कि सहवाग इस मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

अधिकतर लोगों ने कहा कि आप इस भयावह अपराध के पीछे धर्म क्‍यों देख रहे हैं, कई आरोपियों में से आपने सिर्फ तीन लोगों ने नाम को ही चुना। हालंकि, ‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा खबर चलाए जाने के बाद उन्होंने अपनी गलती मांनते हुए ट्वीटर पर लोगों से माफी मांग ली।

बता दें कि, वीरेंद्र सहवाग ने शनिवार(24 फरवरी) को इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा था कि, ‘मधु ने महज एक किलो चावल चुराया था। इस ही बात पर उबेद, हुसैन और अब्दुल की भीड़ ने उस गरीब आदिवासी को मार डाला। यह एक सभ्य समाज के लिए कलंक की तरह है। मुझे इस बात पर शर्म आती है कि ऐसा होने पर भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।’

गौरतलब है कि, वीरेंद्र सहवाग ने अपने इस ट्वीट में एक ही समुदाय विशेष के तीन ओरोपियों का नाम लिखा गया है जो मुस्लिम हैं। जबकि केरल पुलिस ने इस आरोप में जिन लोगों को नामजद किया है जिसमें अन्य संप्रदायों के लोग भी शामिल हैं। सहवाग के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया में लोगों ने उन पर इस मसले को मजहबी रंग देने का आरोप लगाया है।

लोग उन्हें सलाह दे रहे हैं कि वे इस घटना को धार्मिक रंग न दें। कई लोगों ने सहवाग के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि मधु को मारने वालों में और धर्म के लोग भी शामिल थे।

वहीं, वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के नाम के बने एक अन वेरिफाई नाम के ट्विटर अकाउंट ने लिखा कि, ‘और कितना नीचे गिरोगे सहवाग? मधु को मारने वाली भीड़ में सिर्फ ये 3 मुसलमान ही नही थे, बल्कि हिन्दू और ईसाई भी शामिल थे, कुल 10 से ज्यादा लोग थे किंतु आपको सिर्फ 3 ही नाम दिखाई दिये? शायद इसी चमचागिरी की वजह से आपको भाजपा से टिकट मिलेगा।’

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, ‘औरों के नाम कई नही लिया सिर्फ मुस्लिम का नाम क्यों संघी आदमी तुझ जैसे लोग है इस वजह से समाज मे नफरत ही पैदा हो रही है। कहा थे जब अख़लाक़ और शम्भू जैसे लोग सरेआम कत्ल किए तब आप कोमा में थे क्या??’

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, ‘सहवाग जी पहले जांच पड़ताल कर लिया करो फिर ट्वीट किया करो आप करोड़ों लोगों के हीरो हो इन सब में ना गिरे तो बेहतर है।’

जनता का रिपोर्टर से बात करते हुए पलक्कड़ जिले के पुलिस अधिकारी ने बताया कि, इस मामले में सभी 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, जो इस भयंकर अपराध में शामिल थे। मधु की हत्या के आरोप में जिन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके नाम है हुसैन, मराक्कर, शम्सुद्दीन, अनीश, राधा कृष्ण, अबू बकर, सिद्दीकी, उबेद, नजीब, Jaiju Mon, अब्दुल करीम, संजीव, सतीश, हरीश, बीजू और मुनीर।

हालंकि, हमारी ख़बर सोशल मीडिया पर वायरल और लोगों की अलोचना के बाद सहवाग बैकफूट पर आ गए और उन्होंने अपनी गलती मांनते हुए ट्वीटर पर लोगों से माफी मांगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, उनके पास जानकारी का अभाव था, जिसके कारण यह गलती हुई। हालांकि उनका उद्देश्य किसी संप्रदाय की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। हालंकि, ख़बर लिखे जाने तक उन्होंने अपना पुराना ट्वीट डिलीट नहीं किया है।

आदिवासी व्यक्ति की हत्या पर राहुल गांधी ने भी दुख प्रकट किया था। उन्होंने शनिवार(24 फरवरी) को ट्वीट करते हुए लिखा कि, कल केरल में एक आदिवासी जनजातीय की क्रूरता से की गई हत्या पर मैं गंभीरता से खेद प्रकट करता हूं। जिससे कैमरे ने पकड़ा। उन्होंने आगे लिखा कि हमें अपने समाज में बढ़ती असहिष्णुता से चिंतित होना चाहिए और एक आवाज में इसके खिलाफ बोलना चाहिए।

बता दें कि, केरल के पालक्काड में स्थानीय लोगों ने अगाली नगर में कुछ दुकानों से खाद्य वस्तुओं की चोरी का आरोप लगाते हुए 30 वर्षीय एक आदिवासी व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और टीवी चैनलों पर प्रसारित होने के बाद राज्य में आदिवासियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जगह-जगह प्रदर्शन किए। मारे गए व्यक्ति की मां मल्ली ने टीवी चैनलों से कहा, ‘स्थानीय लोगों ने मेरे बेटे को मार डाला, दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।’

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने घटना की निन्दा की और इसे ‘केरल के प्रगतिशील समाज पर एक धब्बा’ करार दिया। दुकानों से खाद्य वस्तुएं चुराने का आरोप लगाकर गरुवार शाम स्थानीय लोगों ने आदिवासी व्यक्ति को पीटा और बाद में पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि उसे नजदीक के अगाली सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह रास्ते में ही दम तोड़ चुका था।

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