उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कई सारे पदों पर भर्ती निकाली थी। एएनएम, स्टाफ नर्स, पीआरओ, लैब असिस्टेंट, लैब अटेंडेंट आदि पदों पर उम्मीदवारों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई थी।
जब इस परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ है तो उसमें 90 में से आठ नंबर पाने वाले पास हैं जबकि 25 से लेकर 60 नंबर तक अंक पाने वाले परीक्षार्थी फेल कर दिए गए हैं। कथित तौर पर आरोप है कि परीक्षा में पास करने के लिए दो से तीन लाख रुपये वसूले गए हैं।
इस मामले में बताया गया कि नाकाबिल लोगों का चयन किया गया है, जबकि काबिल लोगों को फेल कर दिया गया है। NHM की भर्ती में इससे पहले भी सवाल उठते रहे हैं। घोटालों की वजह से इस विभाग की इतनी बदनामी हुई कि इसका नाम नेशनल रूरल हेल्थ मिशन से बदलकर नेशनल हेल्थ मिशन कर दिया गया।
न्यूज़18 की खबर के मुताबिक, NHM के MD पंकज कुमार का कहना है कि भर्ती में पारदर्शी तरीका अपनाया गया है। जिलेवार कटऑफ लिस्ट न जारी करने की वजह से भ्रम पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी भर्ती में स्क्रीनिंग बाकी है। स्टाफ नर्स और एएनएम परीक्षा का यह अंतिम रिजल्ट नहीं है।
मालूम हो कि बीते 5 नवंबर को एनएचएम के तहत नर्स समेत अन्य पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके लिए जुलाई में आवेदन मांगे गए थे। 22 दिसंबर को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है, जिसमें भारी गड़बड़ी सामने आई है।



















