विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की नेता साध्वी सरस्वती एक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। सरस्वती ने फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का जिक्र करते हुए हिंदू युवाओं से कहा कि वे पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा किए गए अत्याचारों के कारण घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन जैसी स्थिति से बचने के लिए तलवार लेकर चलें।
वह रामनवमी के अवसर पर रविवार को पुणे से लगभग 340 किलोमीटर दूर उत्तरी महाराष्ट्र के धुले शहर में एक रैली को संबोधित कर रही थीं। समाचार एजेंसी पीटीआई (भाषा) की रिपोर्ट के मुताबिक, सरस्वती ने कहा कि हथियार रखना हिंदुओं की ”आन, बान, और शान” है।
कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर साध्वी सरस्वती ने कहा, ‘‘क्या हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब हम भी अपने घरों से बेदखल हो जाएंगे… तब तुमसे पूछा जाएगा कि हिंदुओ, ब्राह्मणो तुमने तलवार क्यों नहीं उठाई, तुमने युद्ध क्यों नहीं लड़ा, तुमने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई क्यों नहीं लड़ी।”
सरस्वती ने कहा, ”मैं आपसे तलवारें उठाने का आग्रह करती हूं। अगर आप एक लाख रुपये के मोबाइल फोन और लैपटॉप खरीद सकते हैं तो 1,000 रुपये की तलवार भी खरीदकर रख सकते हैं। हथियार रखना हिंदुओं की आन, बान और शान है।”
गौरतलब है कि, पिछले दिनों डासना देवी मंदिर के पुजारी नरसिंहानंद ने भी इसी तरह का बयान दिया था। दिल्ली में आयोजित हिंदू महापंचायत में उन्होंने कहा था कि हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए हथियार उठा लेना चाहिए। नरसिंहानंद इसी तरह के विवादित बयान देने के लिए जाने जाते हैं।
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