कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मांग की कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण अपने उस दावे को साबित करने के लिए संसद में दस्तावेज प्रस्तुत करें, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को एक लाख करोड़ रुपये के ठेके दिए गए हैं, अन्यथा पद से इस्तीफा दें। बता दें कि राफेल सौदे को लेकर दिन-प्रतिदिन कांग्रेस के तेवर कड़े होते जा रहे हैं।
सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में किए गए दावे के दो दिन बाद, राहुल ने ट्विटर पर उनके दावों पर सवाल उठाया है। उन्होंने अपने इस ट्वीट के साथ में एक मीडिया रिपोर्ट भी शेयर की है, जिसमें कहा गया है कि कोई ठेका नहीं दिया गया है।

राहुल गांधी ने रविवार (6 जनवरी) को ट्वीट कर कहा, “जब आप एक झूठ बोलते हैं तो उस झूठ को छिपाने के लिए आपको कई और भी झूठ बोलने पड़ते हैं। राफेल पर प्रधानमंत्री के झूठ का बचाव करने की उत्सुकता में रक्षामंत्री ने संसद से झूठ बोला।” उन्होंने कहा, “रक्षामंत्री (सीतारमण) को कल संसद में वे दस्तावेज हरहाल में पेश करने होंगे, जिससे साबित हो कि सरकार ने एचएएल को एक लाख करोड़ रुपये के ठेके दिए हैं। अन्यथा वह इस्तीफा दें।”
When you tell one lie, you need to keep spinning out more lies, to cover up the first one.
In her eagerness to defend the PM's Rafale lie, the RM lied to Parliament.
Tomorrow, RM must place before Parliament documents showing 1 Lakh crore of Govt orders to HAL.
Or resign. pic.twitter.com/dYafyklH9o
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 6, 2019
वहीं कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘झूठ बोलने वाली रक्षा मंत्री का पर्दाफाश हो गया। रक्षा मंत्री ने दावा किया था कि एचएएल को एक लाख करोड़ रुपये की खरीद के ऑर्डर दिए गए हैं। एचएएल का कहना है कि उसे एक पैसा तक नहीं मिला क्योंकि एक भी ऑर्डर पर हस्ताक्षर नहीं किए गए। पहली बार, एचएएल वेतन देने के लिए 1000 करोड़ रुपए का कर्ज लेने को मजबूर है।’
सुरजेवाला ने उस मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह बात कही जिसमें कहा गया था, एक लाख करोड़ रुपए में से एचएएल को एक पैसा भी नहीं मिला क्योंकि किसी आदेश पर हस्ताक्षर ही नहीं किए गए। एचएएल के वरिष्ठ प्रबंधक के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
The Lying Defence Minister’s Lies Gets Exposed!
Def Min claimed that procurement orders worth ₹1 Lakh Cr provided to HAL!
HAL says Not a SINGLE PAISA has come, as Not a SINGLE ORDER has been signed!
For the first time,HAL forced to take a loan of ₹1000 Cr to pay salaries! pic.twitter.com/IzoRvHW1VM
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) January 6, 2019
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने सूट-बूट वाले दोस्तों की मदद करने के लिए एचएएल को कमजोर किया है। इसके एक दिन बाद पार्टी ने यह आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने शनिवार को अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, “HAL के पास वेतन तक देने के पैसे नहीं हैं इससे किसी को भी आश्चर्य नहीं होना चाहिए। राफ़ेल तो दे ही दिया था, अब काम पूरा करने के लिए सूट-बूट वाले दोस्त को लोगों की ज़रूरत है जो HAL के पास है, बिना HAL को कमज़ोर किए ये वाला काम तो हो नहीं सकता? चौकीदार बस अपनी दोस्ती निभा रहा है, देश के भले-बुरे से उसे क्या मतलब.. दोस्ती बनी रहे बस!”
अपने इस फेसबुक पोस्ट के साथ राहुल ने जिस रिपोर्ट को शेयर किया है उसमें बताया गया है कि सुरक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इन दिनों आर्थिक परेशानियों में घिरी हुई है। स्थिति ये है कि कंपनी के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी फंड नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को उधार लेकर अपने कर्मचारियों की तन्खवाह देनी पड़ रही है। कंपनी इस बात से भी चिंतित है कि उनके पास फिलहाल कोई काम नहीं है और बीते साल अप्रैल से कंपनी में कोई काम नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में एचएएल के सीएमडी आर.माधवन ने बताया कि ‘हमारे पास नकदी खत्म हो चुकी है और हमने ओवरड्राफ्ट द्वारा 1000 करोड़ रुपए लिए हैं। 31 मार्च तक हमारे पास 6000 करोड़ रुपए की कमी हो जाएगी, जिससे परेशानी बढ़ेगी। हम फिलहाल अपने दिन-प्रतिदिन के खर्चे तो चला सकते हैं, लेकिन किसी प्रोजेक्ट के लिए खरीद नहीं कर सकते।’
गौरतलब है कि राहुल गांधी राफेल विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उद्योगपति अनिल अंबानी पर लगातार हमले कर रहे हैं। अंबानी के समूह ने गांधी और कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।