उत्तर प्रदेश में अखिलेश-माया का मेल प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी का बिगाड़ सकते हैं खेल, ताजा सर्वे ने दिए संकेत

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उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बहुप्रतीक्षित गठबंधन के लिये दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने ‘सैद्धांतिक सहमति‘ कर दी है और गठजोड़ का ऐलान बहुत जल्द होगा। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने पीटीआई को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर ‘सैद्धांतिक सहमति‘ बन चुकी है और उम्मीद है कि इस गठजोड़ की औपचारिक घोषणा जल्द होगी। सम्भावना है कि इसी महीने इसका ऐलान हो जाएगा।

वहीं, खुद समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा और बसपा के गठबंधन का ‘एकाध हफ्ते’ में एलान होने के संकेत देते हुए रविवार को कहा कि सपा और बसपा, बीजेपी के ही सिखाये पाठ पर अपना गणित दुरूस्त कर रहे हैं।अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत में सपा-बसपा के गठबंधन की औपचारिक घोषणा के समय के बारे में पूछे जाने पर कहा ‘‘गठबंधन का समय भी पता लगेगा आपको। बस, एकाध हफ्ते की बात है।’’

सपा-बसपा के साथ आने से सबसे ज्यादा झटका भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को है। क्योंकि वह जानती है कि दिल्ली की कुर्सी (केंद्र सरकार) का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है, यानी उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटें जिसके साथ हो, दिल्ली की कुर्सी उसकी हो जाती है। एक ताजा के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और मायावती का मेल बीजेपी का खेल बिगाड़ सकता है। सपा और बसपा को भरोसा है कि दोनों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से वे यूपी में बीजेपी को परास्त कर सकती हैं।

इंडिया टीवी-सीएनएक्स ओपिनियन पोल के अनुसार, अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से बीजेपी को 40 सीटें, सपा को 20, बसपा को 15, कांग्रेस को 2 और और अन्य को 03 सीटें मिलने का अनुमान है। आपको बता दें कि 2014 में मोदी लहर पर सवार केंद्र और राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 71 सीटें जीती थीं।

 

 

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