कर्नाटक में इस साल विधानसभा चुनाव होने है, राज्य में चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस की बीच बयानों का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी बीच, कर्नाटक दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार(24 मार्च) को एक बार फिर से मोदी सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने मैसूर के महारानी आर्ट कॉलेज फॉर विमेन में बोलते हुए मोदी सरकार पर नोटबंदी और जीएसटी को लेकर जमकर निशाना साधा।
फोटो- @INCIndiaकॉलेज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि, ‘नीरव मोदी ने बैंकों के 22,000 करोड़ रुपये ले लिए। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि यदि आप जैसी युवा महिलाओं को 22,000 रुपये दिए गए होते तो कितना बिजनस तैयार होता।’
देश में नौकरियों की कमी पर बात करते हुए राहुल ने कहा, ‘हम एक मजबूत इकॉनमी के रूप में अच्छी गति से बढ़ रहे हैं लेकिन नौकरियां नहीं पैदा हो रहीं हैं। ऐसा इसलिए है कि जिनके पास स्किल है उन्हें फाइनैंशल मदद और अन्य जरूरी मदद नहीं मिल पा रही है।’
मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को गलत बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, ‘मुझे लगता है कि नोटबंदी एक गलती थी, नोटबंदी और जीएसटी से रोजगार और भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ। जिस तरह से नोटबंदी की गई मुझे उससे दिक्कत है। RBI गवर्नर, चीफ इकॉनमिक अडवाइजर, वित्त मंत्री को इसका पता होना चाहिए था।’
बता दें कि, इससे पहले राहुल गांधी चामुंडेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मौजूद रहे।
बता दें कि, इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने नोटबंदी के 500 दिन पूरे होने पर इसे देश के इतिहास में सबसे बड़ी त्रासदी बताया। कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘इस दिन हम उन निर्दोष लोगों को याद करते हैं जिन्होंने एक व्यक्ति के जल्दबाजी में लिए फैसले की वजह से अपनी जानें गवाईं।’
बता दें कि मोदी सरकार के नोटबंदी का कांग्रेस और विपक्ष शुरुआत से ही विरोध करती रही है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार के इस फैसले से जनता को मुसीबतों का सामना करना पड़ा, बेरोजगारी बढ़ी, लोगों को अपने पैसे के लिए दिक्कतें हुईं।
Today marks 500 days of one of the greatest disasters in Indian history. On this day, we remember all those innocent people who lost their lives because of one person’s harebrained idea #DemoDisaster pic.twitter.com/OP3dgcUg3s
— Congress (@INCIndia) March 24, 2018
गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार ने 500 और 1000 के नोटों पर बैन लगा दिया था। जिसके बाद आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। नोटबंदी के दौरान लोगों को करीब 50 दिन तक लंबी कतारों में लगाना पड़ा। हालांकि, विपक्षी पार्टियों ने नोटबंदी के इस फैसले का जमकर विरोध किया था, लेकिन सरकारी फैसले के सामने किसी की नहीं चली।