कर्नाटक: ठेकेदार की आत्महत्या मामले पर इस्तीफे के लिए मंत्री ईश्वरप्पा पर दबाव बढ़ा, दर्ज हुई FIR

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कर्नाटक में ठेकेदार और भाजपा कार्यकर्ता संतोष के पाटिल की आत्महत्या के मामले में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ईश्वरप्पा के ऊपर ठेकेदार को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगा है। वहीं, ईश्वरप्पा पर अपने पद से इस्तीफा देने का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ईश्वरप्पा के करीबी सूत्रों ने बताया कि आलाकमान द्वारा पार्टी को शर्मसार होने से बचाने के लिए मंत्री ने इस्तीफा देने का फैसला किया है।

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ईश्वरप्पा ने बुधवार को कहा कि अगर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इसके लिए कहा तो वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा, अगर निर्देश दिया गया तो मैं आज ही अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। मैंने कुछ गलत नहीं किया है और सच्चाई सामने आ गई है। मैंने सीएम बोम्मई और गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र से जांच करने का अनुरोध किया है। यह एक ब्लैकमेलिंग रणनीति है।

मैसूर के दौरे पर गए ईश्वरप्पा काफी परेशान नजर आ रहे थे और काफी देर तक फोन पर बात करते दिखे। वह मैसूर से शिवमोग्गा के लिए निकले थे और उनके करीबी सूत्रों ने कहा कि वह वहां प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और अपने फैसले की घोषणा करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने संवाददाताओं से कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए जाएंगे। भाजपा के सूत्रों ने कहा कि पार्टी आलाकमान इस मुद्दे पर विपक्षी कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल करने से चिंतित है।

पाटिल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार के आरोपों और मंत्री ईश्वरप्पा पर 40 फीसदी कमीशन की मांग का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है और भाजपा इस्तीफा लेने और मामले की जांच के आदेश देकर शर्मिदगी से बचने के बारे में सोच रही है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ईश्वरप्पा को इस मामले में प्रथम आरोपी बनाया गया है। ठेकेदार संतोष पाटिल उडुपी के एक लॉज में संदिग्ध अवस्था में मृत पाए गए थे। इस बीच, फोरेंसिक टीम ने उस स्थान पर सबूतों की जांच की जहां पाटिल मृत पाए गए थे।

गौरतलब है कि, पाटिल की मौत को लेकर मंगलवार को एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर निशाना साधते हुए ईश्वरप्पा को हटाने की मांग की थी। भाजपा के सूत्रों ने कहा कि पार्टी आलाकमान इस मुद्दे पर विपक्षी कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल करने से चिंतित है।

सूत्रों ने कहा कि पाटिल ने इससे पहले पीएम मोदी को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार के आरोपों और मंत्री ईश्वरप्पा पर 40 फीसदी कमीशन की मांग का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है और भाजपा इस्तीफा लेने और मामले की जांच के आदेश देकर शर्मिंदगी से बचने के बारे में सोच रही है। (इंपुट: IANS के साथ)

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