प्रशांत किशोर ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि न देने के मामले में मांगी माफी, प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार की हुई थी आलोचना

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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शहीद जवान को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं द्वारा श्रद्धांजलि न देने पर शहीद के परिजनों की तरफ से गुस्सा जाहिर करने के बाद जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर माफी मांगी है। शहीद पिंटू सिंह के भाई ने शनिवार को अपना गुस्सा जाहिर किया था जिसके बाद प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर उनसे माफी मांगी।

प्रशांत किशोर ने रविवार को ट्वीट किया, “हम उन सभी लोगों की ओर से माफी मांगते हैं जिन्हें दुख की इस घड़ी में आपके साथ होना चाहिए था।” बता दें कि बेगुसराय जिले के रहने वाले पिंटू सिंह शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवाद-रोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए थे। पटना हवाईअड्डे पर रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर पहुंचा तो कोई भी NDA का नेता या बिहार सरकार का मंत्री मौजूद नहीं था।

शहीद के भाई ने जताया दुख

वहीं, शहीद जवान के परिजनों का कहना था कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां आकर अंतिम विदाई देना भी मुनासिब नहीं समझा। शहीद पिंटू के भाई मिथिलेश कुमार ने दुख व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा था कि शहादत की जगह रैली को महत्व दिया गया। इससे पता चल गया कि सरकार सेना को कितना मदद कर रही है।

शहीद के भाई मिथिलेश ने कहा, “रैली को महत्व दिया गया है। शहीद को तो बाद में भी देखा जा सकता है। मरने वाला तो मर गया। मंत्री जी को क्या लेना है? वो तो अपनी कुर्सी बचाने में लगे रहते हैं। मंत्री और मुख्यमंत्री एयरपोर्ट पर नहीं आए, इसी से तो पता चलता है कि हमारी सरकार सेना को कितना मदद कर रही है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (3 मार्च) को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ‘संकल्प रैली’ के संबोधित किया। हालांकि, बिहार दौरे से पहले बीजेपी और पीएम मोदी की सोशल मीडिया पर विरोध का सामना करना पड़ा। पीएम मोदी के दौरे से पहले ही रविवार सुबह से ही टि्वटर पर ‘बिहार रिजेक्ट मोदी’ (#BiharRejectsModi) टॉप ट्रेंड बन गया था। इस ट्रेंडिंग की वजह से बीजेपी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था।

दरअसल, जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई एक मुठभेड़ में शहीद हुए बिहार के सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार का पार्थिव शरीर रविवार को पटना एयरपोर्ट पहुंचा। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शहीद के शव को विदाई देने के लिए सत्तारूढ़ एनडीए का कोई भी नेता एयरपोर्ट पर मौजूद नहीं था, जिस वजह से लोगों में भारी नाराजगी थी।

पटना एयरपोर्ट पर शहीद के शव को श्रद्धांजलि देने के लिए न तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और न ही उनकी कैबिनेट के कोई सहयोगी मौजूद रहे। विपक्ष के खेमे से भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को छोड़कर कोई अन्य दूसरा नेता वहां मौजूद नहीं रहा। बताया जा रहा है कि पटना में हुए संकल्प रैली में व्यस्त होने के चलते ही एनडीए का कोई भी वरिष्ठ नेता शहीद को अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा, जिसके बाद पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की आलोचना हुई थी।

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