पाकिस्तान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शारदा पीठ कॉरिडोर खोलने के लिए मंजूरी दे दी है। पाकिस्तानी मीडिया में यह दावा किया जा रहा है। बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर बनाने के लिए शिलान्यास के बाद से ही पीओके में शारदा पीठ के लिए भी कॉरिडोर की मांग तेज हो गई थी। कश्मीरी पंडितों की मांग थी कि सरकार उनके सबसे अहम तीर्थस्थल शारदा पीठ तक जाने के लिए कॉरिडोर बनवाने की पहल करें।
समाचार एजेंसी ANI ने एक ट्वीट कर बताया है कि पाकिस्तान मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने शारदा पीठ कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है।
Pakistan media: Pakistan gives green signal for the opening of Sharda Peeth Corridor. pic.twitter.com/gTWSjnoL47
— ANI (@ANI) March 25, 2019
बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गत वर्ष नवंबर में भारत-पाक की दोस्ती की नई कड़ी को जोड़ने वाले नारोवाल जिले के करतारपुर में दरबार साहिब को जोड़ने वाले गलियारे की आधारशिला रखी थी। करतारपुर साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से जोड़ा जाएगा। इस कॉरिडोर के खुलने से सिख समुदाय के लोग अब पवित्र गुरुद्वारे ननकाना साहिब के दर्शन कर सकेंगे।
करतारपुर के बाद कश्मीरी पंडितों का एक समूह शारदा पीठ को खोलने की मांग कर रहा था। यह एक महत्वपूर्ण मंदिर है जो लाइन ऑफ कंट्रोल में आता है। केवल इतना ही नहीं मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां जैसे कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने भी इसे लेकर अपनी आवाज उठा चुकी हैं। यह एक प्राचीन शारदा मंदिर है। जिसे सारदा और सरादा भी कहा जाता है। यह मंदिर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित है।
गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद से पूर्वोत्तर में स्थित शारदा पीठ कश्मीर की संस्कृति और परंपरा का एक अहम हिस्सा है। पीओके के नीलम जिले में किशनगंगा दरिया जिसे गुलाम कश्मीर में नीलम कहा जाता है, के किनारे एक पहाड़ी पर यह मंदिर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, देवी सती के शरीर का एक भाग यहीं पर गिरा था। इस स्थान का उल्लेख महाभारत में भी है।