पी. चिदंबरम बोले, नए नोट लाने के सरकार के फैसले पर आएगा 15 से 20 हजार करोड़ रु.का खर्च

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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार के 500 और हजार के नोट बंद करने के फैसले पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को अंजाद देने के लिए 15 से 20 हजार करोड़ रुपए का खर्च आने की सम्भावना हैं।
मोदी सरकार के इस कड़े फैसले पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए चिदंबरम ने कहा कि नए नोट लाने पर 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्‍होंने पूर्व के इस तरह के प्रयोग का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले वर्ष 1978 में भी मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सरकार के समय 1000 का नोट वापस लेने का फैसला किया गया था जो कि नाकाम रहा था।
मीडिया को संबोधित करते हुए चिदंबरम में कहा, ‘पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए, ताकि गरीब लोगों को समस्या कम हो।
सरकार के इस प्रयोग के बाद तरह-तरह की खबरें देशभर से आ रही है लोगों को बड़े स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कुछ देर पहले ही पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर पीएम नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए पुछा था कि आप लोगों को इस आपदा से कैसे बचाएगें। ममता बनर्जी ने लगातार कई ट्वीट किए और कहा कि सड़कें बंद है, बाजार बंद हो गए, प्राइवेट अस्पतालों में मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे। लाखों लोग इससे प्रभावित है। हर जगह अराजकता फैल गई है। ये अघोषित अखिल भारतीय हड़ताल की तरह है।
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