राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मोदी सरकार पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि कोई युद्ध नहीं हो रहा है फिर भी देश की सीमाओं पर सैनिक शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां युद्ध नहीं है तो भी शहादत होती हैं। कारण है कि हम अपना काम ठीक नहीं कर रहे। नहीं तो किसी के साथ युद्ध नहीं है, तो सीमा पर सैनिक के मरने का कारण नहीं है, लेकिन होता है। उसे ठीक करना है। देश को बड़ा बनाना है, तो देश के लिए जीना सीखना होगा। इस साल होने वाले आम चुनाव से पहले भागवत के इस बयान के राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।
आरएसएस प्रमुख ने प्रहार समाज जागृति संस्था के रजत जयंती कार्यक्रम के अवसर पर नागपुर में कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हम अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत को आजादी मिलने से पहले देश के लिए जान कुर्बान करने का वक्त था। आजादी के बाद युद्ध के दौरान किसी को सीमा पर जान कुर्बान करनी होती है। (लेकिन) हमारे देश में (इस वक्त) कोई युद्ध नहीं है फिर भी लोग (सैनिक) शहीद हो रहे है…क्योंकि हम अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं।’
भागवत ने कहा, ‘अगर कोई युद्ध नहीं है तो कोई कारण नहीं है कि कोई सैनिक सीमा पर अपनी जान गंवाए। लेकिन ऐसा हो रहा है।’ उन्होंने कहा कि इसे रोकने और देश को महान बनाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लड़ाई हुई तो सारे समाज को लड़नी पड़ती है। सीमा पर सैनिक जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा वे मोल लेते हैं। खतरा मोल लेकर भी उनकी हिम्मत कायम रहे, सामग्री कम न पड़े, अगर किसी का बलिदान हो गया, तो उसके परिवार को कमी न हो, यह चिंता समाज को करनी पड़ती है।