मोदी कैबिनेट ने गुरुवार (30 मई) की शाम को पद और गोपनीयता की शपथ थी, लेकिन इस कैबिनेट में नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) को जगह नहीं मिली है। प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद वापस पटना लौटे बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी की तरफ से 1 सीट का ऑफर था, लेकिन जेडीयू इससे सहमत नहीं। इसके साथ ही नीतीश ने यह भी स्पष्ट किया कि वह बीजेपी के साथ मजबूती से बने रहेंगे।
Photo: PTIसमाचार एजेंसी ANI के मुताबिक जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि, “जब मुझे बताया गया कि जेडीयू को एक मंत्री पद दिया गया है तो मैंने कहा कि हमें इसकी आवश्यकता नहीं है, बाकी मैं अपनी पार्टी से पूछकर बताऊंगा। इसके बाद मैंने अपनी पार्टी में इस पर चर्चा की और पार्टी नेताओं ने बताया कि यह उपयुक्त नहीं है और हमें सरकार में प्रतीकात्मक भागीदारी दी जा रही है, जबकि यह आनुपातिक होनी चाहिए।”
इसके साथ ही नीतीश कुमार ने कहा कि, “मैं अखबारों में देख रहा हूं कि हमने 3 सीटों की मांग की थी यह गलत है, हमने ऐसी कोई मांग नहीं की थी।” नीतीश ने आगे कहा कि हम साथ हैं और इससे नाराज नहीं हैं।
Bihar CM & JD(U) leader Nitish Kumar: I am seeing reports in newspapers that we had asked for 3 berths, this is false. We had not asked for any berth. https://t.co/vVn7gevqrZ
— ANI (@ANI) May 31, 2019
बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में बिहार में सबसे करारा झटका महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को लगा है। राजद का सूपड़ा साफ हो गया है, वहीं महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) भी चित्त हो गई। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की अभूतपूर्व 39 सीटों की जीत में जहां विपक्ष चारो खाने चित्त हो गई, वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने 100 फीसदी स्ट्राइक के साथ उसके सभी छह प्रत्याशी जीत गए। यही हाल भाजपा का रहा है, जहां उसके सभी 17 प्रत्याशी विजयी हुए।
बिहार में विजेता बनकर उभरी राजग की तरफ से भाजपा और जद (यू) ने क्रमश: 17 और 16 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, राम विलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा और लोजपा ने जहां सभी सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं जदयू केवल एक सीट पर हारी। जबकि महागठबंधन की झोली में सिर्फ एक सीट गई है, जिसमें से बस कांग्रेस ने किशनगंज सीट पर कब्जा जमाया। वहीं, महागठबंधन में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद की पार्टी राजद इस लोकसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल पाई।