गुजरात के राजकोट (पूर्व) विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) विधायक अरविंद रैयानी के खिलाफ एक दूल्हा पूरी बारात लेकर नगर निगम के दफ्तर पहुंच गया और अरविंद रैयानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वहीं, विधायक ने कहा कि, कुछ लोग उनकी छवि को खराब करने का साजिश रच रहे हैं।
प्रतिकात्मक फोटोटाइम्स न्यूज नेटवर्क के हवाले से नवभारत टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार(19 फरवरी) को दूल्हा चिराग और उसकी दुल्हन समेत पूरी बारात राजकोट के नगर निगम मुख्यालय पहुंची। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को अरविंद रैयानी के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, नगर निगम में यह प्रार्थना पत्र दूल्हे के पिता मुकेश काकड़िया की तरफ से दिया गया है।
ख़बर के मुताबिक, शिकायत में मुकेश ने कहा कि अरविंद रैयानी के आदेश से नगर निगम ने उनके अवैध निर्माण गिराए जाने का नोटिस दिया है। परिवार का आरोप है कि उन्हें बीजेपी विधायक और उनके समर्थकों की तरफ से लगातार धमकी दी जा रही है, ये लोग उनसे फिरौती मांग रहे हैं।
वहीं, चिराग ने कहा कि, मेरी शादी के दिन भी उन लोगों के धमकी भरे फोन आए। हमसे कहा गया कि हम रुपये दें नहीं तो हमारे घर का एक हिस्सा गिरा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि, विधायक के लोग घर के आस-पास मंडराते रहते हैं और हमें गालियां देते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दूल्हे के पिता ने कहा कि अरविंद रैयानी का परिवार मोरबी रोड स्थित सोमनाथ सोसायटी में रहते हैं। सोसायटी में कई सारे अवैध घर बने हैं। आरएमसी उन अवैध निर्माण को गिराने के लिए नोटिस क्यों नहीं देती? सोमनाथ सोसायटी का गेट, अरविंद रैयानी के छोटे भाई महेश और उनके सहयोगी दिनेश करोड़िया के घर भी अवैध हैं। हम लोगों ने आरएमसी को प्रार्थना पत्र देकर अवैध निर्माण की शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
इधर, आरएमसी के डेप्युटी कमिश्नर सीके नंदानी का कहना है कि काकड़िया के अवैध निर्माण को गिराने का नोटिस दिया जा चुक है। यह नोटिस कोई आदेश नहीं है, उनके पास अधिकार है कि वे नोटिस का जवाब दें।
रिपोर्ट के मुताबिक, डेप्युटी कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने काकड़िया को आश्वासन दिया है कि आरएमसी के जिन कर्मचारियों ने उन्हें धमकी दी है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर उन्हें कोई और धमकी दे रहा है तो यह पुलिस का मामला है, आरएमसी इसमें कुछ नहीं कर सकती। दूल्हे के पिता की तरफ से बाद में एक प्रार्थना पत्र पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत को भी दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अरविंद रैयानी ने कहा कि, यह मामला शिकायतकर्ता और सोसायटी के बीच का है वह इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं। इस मामले में उन्होंने सिर्फ एक बार समझौता कराने का प्रयास किया था, क्योंकि सोसायटी उनके इलाके में है। कुछ लोग उनकी छवि को खराब करने का साजिश रच रहे हैं।