किसी देश की सरकार चलाने के लिए रोजाना भारी राशि की जरूरत होती है। लेकिन फर्ज कीजिए अगर देश के सबसे अमीर व्यक्ति को अपनी संपत्ति से सरकार चलानी पड़े, तो वह कितने दिन ऐसा कर पाएगा। यह कोई कयास नहीं है, बल्कि ब्लूमबर्ग की ओर से जारी रॉबिनहुड सूची का विषय है, जिसके मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी भारत सरकार को 20 दिन तक चला सकते हैं।
ब्लूमबर्ग ने इस अध्ययन में 49 देशों के अमीरों को शामिल किया है। इसमें अमुक देश के सबसे अमीर व्यक्ति और उस देश के सरकारी खर्चे का तुलानात्मक अध्ययन किया गया है। ब्लूमबर्ग के अध्ययन के मुताबिक मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 40.3 अरब डॉलर है, जो भारत सरकार को मात्र 20 दिन चलाने के लिए पर्याप्त है। सरकार को चलाने से अभिप्राय कर्मचारियों के वेतन, प्रशासनिक वाहन आदि का खर्च शामिल है।
इस सूची में 99 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ अमेरिका के जेफ बेजॉस शीर्ष स्थान पर हैं, लेकिन देश का खर्च चलाने के मामले में उनकी क्षमता अंबानी के मुकाबले मात्र 25 फीसदी है। इसकी वजह अमेरिकी सरकार का भारीभरकम खर्च है, जिस आधार पर उनकी संपत्ति अमेरिकी सरकार के मात्र पांच दिनों के खर्च के बराबर है।
सूची के मुताबिक चार देशों ऑस्ट्रेलिया, अंगोल, चिली, नीदरलैंड में सबसे अमीर व्यक्तियों में महिलाओं को स्थान मिला है। ऑस्ट्रेलिया की जीना रिनहार्ट 16 अरब डॉलर की संपत्ति से 11 दिन खर्च उठा सकती हैं। नीदरलैंड की शार्लिन डि कारवाल्हो 15.7 अरब डॉलर से 15 दिन सरकार चला सकती हैं।
द्विपीय देश साइप्रस में सबसे अधिक अमीर जॉन फ्रेडरिक्सेन की संपत्ति 10 अरब डॉलर आकी गई है। लेकिन देश की कम आबादी और सरकार के रोजाना 2.36 करोड़ डॉलर के खर्च के मुकाबले यह संपत्ति कहीं अधिक है। यही कारण है कि वह देश के 441 दिनों का खर्च आसानी से वहन कर सकते हैं।



















