भारत में जारी मीटू अभियान की जद में आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर द्वारा पत्रकार प्रिया रमानी पर किए गए मानहानि मामले में सोमवार (12 नवंबर) को दिल्ली के एक कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान एक महिला पत्रकार जॉयता बसु ने अदालत में अकबर को बचाव करते हुए कहा कि एमजे अकबर एक निर्दोष और पूरी प्रतिष्ठा के साथ एक पूर्ण सज्जन व्यक्ति हैं और साथ ही वह एक शानदार टीचर हैं।
NDTV के मुताबिक, यह महिला पत्रकार अकबर द्वारा कोर्ट को दी गई 6 गवाहों में से एक हैं। पत्रकार ने कोर्ट से कहा कि श्रीमान अकबर की अच्छी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से प्रिया रमानी द्वारा जानबूझकर उनपर आरोप लगाए गए हैं। बसु ने कहा कि प्रिया की ट्वीट्स देखने के बाद मैं चौंक गई और साथ में निराश भी हो गईं। आपको बता दें कि प्रिया रमानी अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पहली महिला पत्रकार हैं।
अकबर ने कई महिला पत्रकारों द्वारा उनपर यौन-उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद पिछले दिनों विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। रमानी ने आरोप लगाया है कि अकबर ने करीब 20 साल पहले उनका यौन उत्पीड़न किया था। रमानी ने सबसे पहले अकबर के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए थे। जिसके बाद पिछले 10 दिनों में कम से कम 20 महिलाएं आगे आई हैं और उन्होंने अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
इससे पहले पूर्व केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ निजी तौर पर दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में 31 अक्टूबर को अपना बयान दर्ज कराया था। इस दौरान पटियाला हाउस की विशेष अदालत में अकबर ने कहा कि रमानी ने उन्हें ‘प्रतिभाशाली शिकारी’ कहकर गाली दी है और अपमानित किया है। ‘मी टू’ अभियान के तहत उन पर लगे आरोप सिर्फ मिथ्या हैं। इसकी वजह से उन्हें क्षति पहुंची है। उन पर लगे यौन दुर्व्यवहार के आरोप झूठे हैं।
यौन उत्पीड़न के कई आरोपों का सामना कर रहे अकबर पर अभी हाल ही में अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय मूल की महिला पत्रकार ने रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया था। आरोप लगाने वाली पल्लवी गोगोई नाम की ये पत्रकार नेशनल पब्लिक रेडियो (NPR) में चीफ बिजनेस रिपोर्टर हैं। उन्होंने अमेरिकी अखबार वॉशिगटन पोस्ट में एक कॉलम में पूरी घटना का जिक्र किया है।