कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के भावुक संबोधन के बाद राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए एक नया संकट सामने आ सकता है। सीएम ने भावुक रूप से संबोधित करते हुए कहा था कि पद और रूतबा समेत इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है। उनके इस बयान से उनके पद से हटने की संभावना को लेकर अटकलें लगने लगी हैं। हालांकि, कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन से भाजपा ने शनिवार को साफ इनकार किया। पार्टी ने इस आशय की अफवाहों को साजिश करार दिया।

बसवराज बोम्मई ने कहा, “इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है। यह जीवन अपने आप में ही हमेशा के लिए नहीं है। ऐसे में ये पद और पद भी स्थायी नहीं होते हैं। हम नहीं जानते हैं कि हम ऐसी स्थिति में यहां कब तक रहेंगे, ये पद और रुतबा हमेशा के लिए नहीं है। मैं हर पल इस तथ्य से अवगत हूं। यह एक ऐसी चीज है जिसके बारे में हमें हमेशा जागरूक रहना चाहिए।”
अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए बोम्मई ने कहा कि वह उनके लिए मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि बसवराज हैं। वह बेलगावी जिले के किट्टूर में 19 वीं सदी की किट्टूर रानी महारानी चेनम्मा की प्रतिमा का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। रानी चेनम्मा ने ब्रिटिशों के विरूद्ध लड़ाई लड़ी थी।
सीएम के इस बयान के बाद कई लोगों ने निष्कर्ष निकाला है कि बोम्मई अगले विधानसभा चुनावों से पहले कर्नाटक में एक और नेतृत्व परिवर्तन का संकेत दे रहे है। बता दें कि, उन्होंने इस साल जुलाई में बीएस येदियुरप्पा की जगह ली थी। मुख्यमंत्री बोम्मई अगले कुछ दिनों में अपना पांच माह का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं।
हालांकि, भाजपा ने इन अटकलों को हिंदुत्व पार्टी के खिलाफ भ्रम पैदा करने की कोशिश करार दिया है। भाजपा कर्नाटक इकाई के प्रमुख नलिन कुमार कतील ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई 2023 के विधानसभा चुनाव तक पद पर बने रहेंगे। राज्य में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं हो रहा है।”
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि बोम्मई की विदाई की खबर काल्पनिक है। मैं सोचता हूं कि यह साजिश राज्य की राजनीति में भ्रम पैदा करने और भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए रची गई। (इंपुट: भाषा के साथ)
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