राजस्थान सरकार में विवादास्पद IAS अधिकारी संजय दीक्षित एक बार फिर से फेक न्यूज़ पोस्ट करने के बाद शनिवार(12 अगस्त) को उन्हें सोशल मीडिया पर अलोचनाओं का सामना करना पड़ा। साथ ही कर्नाटक कांग्रेस द्वारा कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अधिकारी के आरोपों को खारिज कर दिया। जिसके बाद संजय दीक्षित ने अपने फर्जी ट्वीट को डिलीट कर दिया।
दरअसल, सरकारी सेवा के बावजूद हिंदुत्व समर्थक और इस्लाम विरोधी ट्वीट के लिए प्रसिद्ध संजय दीक्षित ने पोस्टकार्ड न्यूज वेबसाइट की एक ख़बर ट्विटर पर पोस्ट की थी। जिसमें दावा किया गया था कि कर्नाटक सरकार द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि गणेश चतुर्थी के जश्न में शामिल होने के लिए हिंदू श्रद्धालुओं से 10 लाख रुपये की मांग की गई है।
हालांकि, अधिकारी के इस पोस्ट पर कर्नाटक कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने लिखा है कि, श्रद्धालुओं (भक्त) को हमेशा की तरह सूचित किया जाता है, लेकिन कर्नाटक सरकार को हिंदू विरोधी बताने वाला यह आदेश जारी नहीं किया गया है।
वहीं, दूसरी ओर कर्नाटक के एमएलसी और पूर्व कर्नाटका कांग्रेस युवा प्रमुख रिजवान अरशद ने भी दीक्षित को इस भड़काऊ खबर के लिए जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि आप एक आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन लगता है कि आप पोस्टकार्ड की तरह आप भी फर्जी हैं।
हालांकि, फर्जी न्यूज ट्वीट कर आलोचनाओं का शिकार हुए संदीप दीक्षित ने बाद में अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया।
बता दें कि इससे पहले ‘जनता का रिपोर्टर’ और इसके संस्थापक रिफ़त जावेद के खिलाफ अपमानजनक ट्विट्स करने कों दीक्षित की काफी निंदा हुई थी। उन्होंने रिफ़त जावेद के परिवार के व्यक्तिगत पते को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया था। हालांकि, हंगामा बढ़ता देख दीक्षित ने अपने ट्विट्स को डिलीट कर दिया था।