प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की कथित रूप से जांच करने वाले आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) ने बड़ी राहत दी है। सीएटी ने एसपीजी सुरक्षा से जुड़े निर्वाचन आयोग के निर्देश का पालन नहीं करने के आरोप में निलंबित किए गए मोहम्मद मोहसिन के सस्पेंशन पर रोक लगा दी है। समाचार एएनआई के मुताबिक, अब इस मामले में तीन जून को सुनवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि मोहम्मद मोहसिन ओडिशा की संभलपुर लोकसभा सीट के जनरल पर्यवेक्षक थे। मोहसिन के नेतृत्व में चुनाव आयोग के उड़न दस्ते ने 16 अप्रैल को रैली करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली थी। निलंबन आदेश में चुनाव आयोग की ओर से कहा गया था कि कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त गणमान्य व्यक्तियों के लिए तयशुदा निर्देशों का पालन नहीं किया।
ओडिशा के संबलपुर में उन्होंने पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर की चेकिंग की थी। जिला कलेक्टर और पुलिस महानिदेशक की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने संबलपुर के जनरल पर्यवेक्षक को घटना के एक दिन बाद निलंबित कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया था कि संबलपुर में प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर की जांच करना निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत नहीं था। एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट प्राप्त होती है।
बता दें कि चुनाव आयोग सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सके। पारदर्शिता और स्थानीय प्रशासन से दूरी सुनिश्चित करने के लिए ये हमेशा राज्य के बाहर के अधिकारी होते हैं। हाल ही में चुनाव आयोग की टीम ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक के हेलिकॉप्टरों की भी तलाशी ली थी।