भारत के चुनाव आयोग ने 17वीं लोकसभा का चुनाव सात चरण में, 11 अप्रैल से 19 मई के बीच कराने का फैसला किया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव नहीं कराने के चुनाव आयोग के फैसले की राजनीतिक पार्टियों ने आलोचना की है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने एयरस्ट्राइक को लेकर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एयरस्ट्राइक इसलिए किया गया, क्योंकि चुनाव करीब आ रहे हैं।
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी दल एक साथ (लोकसभा और राज्य विधानसभा) चुनाव कराने के पक्ष में हैं। लेकिन इसके बावजूद विधानसभा के चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों के लिए जम्मू-कश्मीर में हालात अनुकूल है लेकिन राज्य चुनाव के लिए नहीं? उन्होंने पूछा कि स्थानीय निकाय चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, पर्याप्त बल मौजूद हैं, फिर राज्य चुनाव क्यों नहीं हो सकते?
Farooq Abdullah: All parties are in favour of holding simultaneous (LS & state assembly) polls. Environment is conducive for Lok Sabha polls but not state polls in J&K? Local body polls were held peacefully, there are enough forces present,then why can't state elections be held? pic.twitter.com/ktYfOwLc2d
— ANI (@ANI) March 11, 2019
साथ ही फारुक अब्दुल्ला ने कहा, “हम हमेशा से जानते थे कि पाकिस्तान से लड़ाई या झड़प जरूर होगी। सर्जिकल स्ट्राइक (हवाई हमला) किया गया, क्योंकि चुनाव करीब आ रहे हैं। हमारा करोड़ों रुपये का एक विमान नष्ट हो गया। यह तो गनीमत है कि पायलट (आईएएफ) बच गया, और सम्मान के साथ पाकिस्तान से लौट आया।”
Farooq Abdullah: We always knew that there would be a fight or a skirmish with Pakistan. This surgical strike (airstrike) was done as elections are approaching. We lost an aircraft worth crores. Be thankful that the pilot (IAF) survived & returned from Pakistan with respect. pic.twitter.com/7UElbtuKKn
— ANI (@ANI) March 11, 2019
वहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर लिखा, “जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का आमचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराना श्री मोदी सरकार की कश्मीर नीति की विफलता का द्योतक है। जो सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकते हैं वही उसी दिन वहाँ विधानसभा का चुनाव क्यों नहीं करा सकते हैं? केन्द्र का तर्क बेतुका है व बीजेपी का बहाना बचकाना है।”
वही मायावती ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “बीजेपी राष्ट्रवाद व राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ताल ठोक रही है। बीजेपी जो चाहे करे लेकिन पहले करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि को बताये कि अच्छे दिन लाने व अन्य लुभावने चुनावी वायदों का क्या हुआ? क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?”
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का आमचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराना श्री मोदी सरकार की कश्मीर नीति की विफलता का द्योतक है। जो सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकते हैं वही उसी दिन वहाँ विधानसभा का चुनाव क्यों नहीं करा सकते हैं? केन्द्र का तर्क बेतुका है व बीजेपी का बहाना बचकाना है।
— Mayawati (@Mayawati) March 11, 2019
बता दें कि फारुक अब्दुल्ला से पहले उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा था कि, ‘जम्मू-कश्मीर में समय पर विधानसभा चुनाव कराने में नाकामी को देखते हुए मैं कुछ दिनों पहले किए गए अपने ट्वीटों को फिर से ट्वीट कर रहा है। पीएम मोदी ने पाकिस्तान, आतंकवादियों और हुर्रियत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। शाबाश मोदी साहब। 56 इंच का सीना फेल हो गया।’
In light of the failure to conduct assembly elections on time in J&K I’m retweeting my tweets from a few days ago. PM Modi has surrendered to Pakistan, to the militants & to the hurriyat. Well done Modi Sahib. 56 inch chest failed. #slowclap https://t.co/oqtDAfNdeb
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) March 10, 2019
उमर ने कहा कि भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बावजूद 2014 में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव समय पर हुए थे, लेकिन अब इसमें देरी करना दिखाता है कि ‘भाजपा और उससे पहले भाजपा-पीडीपी गठबंधन ने जम्मू-कश्मीर को कितने घटिया तरीके से संभाला।’
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, 1996 के बाद पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव समय पर नहीं हो रहे। उन्होंने कहा, ‘अगली बार जब आप मजूबत नेतृत्व प्रदान करने के लिए मोदी की तारीफ करें तो इसे याद रखें।’
बता दें कि चुनाव आयोग ने रविवार को जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश में लोकसभा चुनाव कुल सात चरणों में कराए जाने की घोषणा की, लेकिन सुरक्षा स्थिति को आधार बताकर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनावों के साथ कराने से इनकार कर दिया। आयोग ने जम्मू-कश्मीर में पांच चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाने का ऐलान किया है। सुरक्षा कारणों से राज्य की अनंतनाग लोकसभा सीट पर तीन चरणों में मतदान कराए जाएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार (10 मार्च) को घोषणा की कि पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल, दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल, तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल, चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल, पांचवें चरण का मतदान 6 मई, छठवें चरण का मतदान 12 मई और सातवें चरण का मतदान 19 मई को होगा। अरोड़ा ने बताया कि 23 मई को मतगणना के आधार पर चुनाव परिणाम घोषित होगा।