राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के टिकट पर जीते दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के संयुक्त सचिव (ज्वाइंट सेक्रेटरी) उमाशंकर अपने पहले सेमेस्टर में फेल हो गए हैं। परीक्षा में फेल होने के कारण अब उनकी कुर्सी पर भी खतरा मंडराता दिख रहा है, क्योंकि फेल होने के बाद वह अपना पद भी गंवा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो छात्र संघ में 4 पदाधिकारियों में से एक पदाधिकारी की कुर्सी चली जाएगी।
Uma Shankar. (Facebook/Financial Express)इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा में फेल होने के कारण उमा शंकर को पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से रविवार शाम को घोषित परिणाम में उमाशंकर फेल हो गए। आज तक के मुताबिक, पिछले साल नवंबर-दिसंबर में आयोजित परीक्षा में उमाशंकर ने भाग नहीं लिया था। वह किसी भी विषय (हिंदी सिनेमा, शास्त्रीय संस्कृत साहित्य, संस्कृत साहित्य और पर्यावरण विज्ञान) का परीक्षा देने पहुंचे ही नहीं।
हालांकि, ज्वाइंट सेक्रेटरी उमाशंकर ने सेमेस्टर परीक्षा में फेल होने की खबरों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि वह परीक्षा में फेल नहीं हुए हैं। दिसंबर में तबीयब खराब होने की वजह से वह सेमेस्टर की परीक्षा नहीं दे पाए थे। उमाशंकर दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज से संस्कृत भाषा में बीए (ऑनर्स) कर रहे हैं। उमा शंकर के रिपोर्ट कार्ड में उन्हें अनुपस्थित दिखाया गया है।
वहीं, आज तक के मुताबिक एनएसयूआई के राज्य अध्यक्ष अक्षय लाकरा ने कहा कि उमाशंकर का रिजल्ट एक छात्र के रूप में उसकी लापरवाही दिखाता है, जो अपनी परीक्षा देने ही नहीं पहुंचा। वहीं छात्र संघ के कार्यालय ने यह भी पाया है कि उमा एक पदाधिकारी बनने के योग्य नहीं हैं। बता दें कि उमाशंकर एबीवीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं।