दिल्ली गैंगरेप मामला: CCTV फुटेज में खुलासा बगैर कपड़ों के सड़क पर मदद के लिए गुहार लगाती रही पीड़िता

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पुलिस को पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके से वह सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें कथित रूप से सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई नेपाली महिला सड़क पर बगैर कपड़ों के चलते और मदद की गुहार लगाते देखा जा सकता है। गौरतलब है कि पांच पुरुषों ने 11-12 मार्च की रात 26 साल की पीड़ित से कथित रूप से बलात्कार किया, जिनसे बचने के लिए वह एक इमारत की पहली मंजिल से कूद गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित को एक महिला ने कपड़े दिए जिसने उसे इलाके से गुजरते देखा था। जिसे कुंदन नाम का एक व्यक्ति फ्लैट में लेकर आया था। पुलिस कुंदन की तलाश कर रही है, जबकि पांच दूसरे आरोपी लक्ष्य भल्ला, विकास कुमार, नवीन, स्वरित और प्रतीक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

17 सेकंड के वीडियो में महिला कथित रूप से इमारत से छलांग लगाते और सीढ़ियों पर गिरती दिख रही है। इलाके में रहने वाली मुन्नी देवी नाम की एक महिला का कहना है कि सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर उसने एक युवती को बिना कपड़ों के सड़क पर चलते और मदद की गुहार लगाते देखा। महिला ने अपनी बालकनी से पीड़ित के लिए एक शर्ट और पायजामा फेंका।

वहां से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने अपना वाहन रोककर महिला को वह कपड़े दिए और साथ ही पुलिस को फोन कॉल करने के लिए अपना मोबाइल फोन भी दिया। महिला बाद में ऑटो रिक्शे में बैठकर वहां से चली गई। वीडियो में महिला को कथित रूप से नग्न हालत में चलते देखा गया है, जबकि राहगीर मूकदर्शक बने हैं और उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहे। वहां खड़े दो व्यक्तियों में से एक ने पीसीआर को कॉल किया और पुलिस की टीम ने उस ऑटो को ढूंढ़ा जिसमें महिला बैठी थी। महिला के गिरने से उसके पैर में चोट लग गयी थी जिस कारण पुलिस उसे अस्पताल ले गई।

उसने पुलिस को बताया कि पांचों लोगों ने उसे जबरदस्ती शराब पिलाई और बाद में उसके साथ बलात्कार किया। पीड़ित का बयान मजिस्ट्रेट की अदालत में दर्ज कर लिया गया। आरोपियों को शहर की एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बता दें कि, आरोपियों ने गैंगरेप के बाद नग्न अवस्था में पीड़िता को बाथरूम में बंद कर दिया। जान बचाने के लिए पीड़िता किसी तरह पहली मंजिल से नीचे कूद गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल महिला को एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में से 3 नोएडा के एक बीपीओ में काम करते हैं, एक साउथ दिल्ली की किसी फाइनैंस कंपनी में काम करता है और एक बेरोजगार है। 28 वर्षीय नेपाली मूल की पीड़िता परिवार के साथ मुनिरका में रहती है, उसके दो बच्चे हैं।

 

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