दिल्ली की एक अदालत ने एयरसेल मैक्सिस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम छूट गुरुवार को एक अगस्त तक बढ़ा दी। दोनों के खिलाफ मामलों की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय कर रहे हैं।
विशेष जज ओ. पी. सैनी ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद छूट की अवधि बढ़ाई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दोनों की अग्रिम जमानत पर दलीलें पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। इस पर चिदंबरम और उनके पुत्र के वकील ने उन्हें पहले से प्राप्त गिरफ्तारी से छूट की अवधि बढ़ाने को कहा।
एजेंसी ने कहा कि उनके विशेष निदेशक सिंगापुर गए हैं और यह देखना होगा कि इसमें कुछ प्रगति हुई है या नहीं। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि वह जिन बैंक खातों पर जांच कर रहा है, उनसे जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध हैं। यह मामला एयरसेल मैक्सिस सौदे में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
बता दें कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो और ईडी जांच कर रही है। इससे पहले 25 मार्च को हुई सुनवाई में भी कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर 26 अप्रैल तक के लिए रोक लगाई थी। दूसरी ओर से जांच एजेंसियां कोर्ट में बार-बार ये दलील दे रही ती कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं इसलिए उनको अग्रिम जमानत न दी जाए। (इंपुट: भाषा के साथ)



















