देश की राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने की मुहिम के तहत दिल्ली सरकार 2000 बसों को डीटीसी के बेड़े में शामिल करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली परिवहन निगम की बस सेवा को दुरुस्त करने के कदमों के तहत 2000 बसें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के बाद आज जारी बयान में बताया गया कि डीटीसी एक हजार नॉन एसी बसों की खरीद करेगी, इतनी ही बसें क्लस्टर स्कीम के तहत निजी कंपनियों की शामिल होंगी।
क्लस्टर बसों को चलाने पर किराये और खर्च के अंतर के तहत सरकार को सालाना 211 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा, इन बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।
ख़बरों के मुताबिक, क्लस्टर बसों के लिये 42 एकड़ में डिपो बनाने के लिये जगह आवंटित की गयी है। डीटीसी के एक हजार बसें खरीदने पर 330 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।