लॉकडाउन: राहुल गांधी ने पैदल घर लौट रहे प्रवासियों से बातचीत का वीडियो किया जारी, मजदूरों ने बयां किया दर्द

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कांग्रेस ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रवासी श्रमिकों से पिछले दिनों हुई मुलाकात पर एक डॉक्यूमेंट्री शनिवार (23 मई) को जारी की जिसमें राहुल गांधी ने कोरोना वायरस महामारी में मुश्किल का सामना कर रहे करोड़ों परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रत्येक को 7500 रुपये देने की पैरवी की है।

राहुल गांधी

कांग्रेस और राहुल गांधी के विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर इस डॉक्यूमेंट्री को जारी किया गया। राहुल गांधी की आवाज में इस डॉक्यूमेंट्री में मजदूरों की मुश्किलों को बयां किया गया है। उन्होंने करीब 16 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के दर्द को दिखाया है। राहुल गांधी ने कहा है कि कोरोना महामारी ने बहुत लोगों को चोट पहुंचायी है लेकिन इसने सबसे ज्यादा दर्द प्रवासी मजदूरों को दिया है जिन्हें पीटा गया, रोका गया, डराया-धमकाया गया किंतु वे रुके नहीं और अपने घरों की तरफ चलते रहे।

गौरतलब है कि, लॉकडाउन के कारण ट्रेन और बसों के बंद होने के बाद प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने-अपने घरों को निकल पड़े थे। विभिन्न जगहों पर हुए हादसों में कई मजदूरों की मौत भी हो गई। इस डॉक्यूमेंट्री में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि गरीबों और मजदूरों को न्याय दिया जाए और देश के आर्थिक रूप से कमजोर 13 करोड़ परिवारों में से प्रत्येक को 7500 रुपये की मदद दी जाए।

उन्होंने हरियाणा से अपने घरों को लौट रहे उत्तर प्रदेश के कुछ श्रमिकों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनते हुए कहा कि रोजी रोटी छिनने के कारण परेशान हजारों मजदूर पैदल सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मजदूर सिर्फ काम चाहते हैं। प्रवासी श्रमिक इस बात से सबसे ज्यादा नाराज हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन लागू करते समय उनकी परवाह नहीं की तथा एकाएक लॉकडाउन की घोषणा कर दी। श्रमिक परेशान हैं कि इसे लगातार बढाया जा रहा है और उन्हें अपने घर जाने का मौका नहीं मिल रहा है।

बता दें कि, राहुल गांधी ने गत 16 मई को दिल्ली के सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी। उन्होंने फुटपाथ पर मजदूरों के साथ बैठकर बात की थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले इन मजदूरों का दुख दर्द साझा किया था और घर भेजने का इंतजाम करवाया था। ये मजदूर हरियाणा के अंबाला से पैदल चलकर अपने गांव जा रहे थे।

बता दें कि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा था। 20 लाख करोड़ के पैकेज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ड्रामेबाज कहा है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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