लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ, मायावती, नवजोत सिंह सिद्धू और आज़म खान समेत कई नेताओं के खिलाफ उनके भाषणों की वजह से चुनाव आयोग में शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसी बीच खबर है कि चुनाव आयोग की वेबसाइट से वो शिकायत गायब हो गई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई थी।

चुनाव आयोग ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दायर की गई शिकायत राष्ट्रीय चुनाव आयोग की वेबसाइट से गायब हो गई है। चुनाव आयोग रहस्यमय ढंग से गायब हुए इस शिकात को ‘तकनीकी गड़बड़ी’ बता रहा है। बता दें कि, ये शिकायत पीएम मोदी के उस भाषण को लेकर थी, जिसमें उन्होंने लोगों से अपील की थी कि सभी अपना वोट पुलवामा के शहीदों और बालाकोट एयरस्ट्राइक को समर्पित करें।
पीएम मोदी ने इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र के लातूर में अपनी एक रैली को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की थी कि सभी अपना वोट पुलवामा आतंकी हमले के शहीद सैनिकों और 26 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर हवाई हमलों को अंजाम देने वाले सैनिकों के नाम पर समर्पित करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान पर कोलकाता में रहने वाले एक शख्स ने चुनाव आयोग में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन जब उन्होंने शिकायत की स्थिति की जांच करने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट चेक की, तो उनको पता चला कि शिकायत की सुनवाई हो चुकी है और मामला सुलझाया जा चुका है।
वेबसाइट का स्क्रीनशॉट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। NDTV के पत्रकार श्रीनिवासन जैन ने चुनाव आयोग के वेबसाइट का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। इस स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि कभी इस शिकायत पर ‘रिजॉल्व्ड- यानी निपटाया गया- लिखा हुआ है।
The plot thickens over the PM's vote-for-martyrs speech. Complainant logs in to EC interface to check status of his complaint; it says 'resolved'.
But EC tells @arvindgunasekar complaint is 'still open'. Blames technical glitch for displaying wrong status!@OnReality_Check pic.twitter.com/tOH9yx3UVx
— Sreenivasan Jain (@SreenivasanJain) April 24, 2019
दिलचस्प बात यह है कि 10 मार्च को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से चुनाव आयोग को उल्लंघन की 426 शिकायतें मिली हैं। लेकिन उनके पोर्टल से जो शिकायत गायब हुई है वह सिर्फ पीएम मोदी की है। महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस मामले से संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया है और गुरुवार (25 अप्रैल) को दोपहर 1 बजे तक जवाब मांगा है।