मध्य प्रदेश के चित्रकूट में जुड़वां बच्चों की लाशें मिलने के बाद हज़ारों लोगों की उग्र भीड़ ने प्रदर्शन किया हैं। प्रियांश और देवांश के लाशें उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से मिली हैं। अपहरणकर्ताओं ने उनके हाथ और पाँव को बांध कर उन्हें यमुना नदी में फ़ेंक दिया था। उग्र भीड़ द्वारा कई दुकानों में आग लगाने की भी खबरें आ रही हैं।
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार १२ फ़रवरी को दोनों बच्चों को बंदूक की नोक पर अपहरणकर्ताओं ने उनके स्कूल बस सी अगवा कर लिया था। पहले बच्चों के परिवार से 20 लाख रूपये की मांग की गयी थी, लेकिन पैसा मिलने के बाद अपहरणकर्ताओं ने अपनी मांग बढाकर एक करोड़ रूपये की कर दी थी।
21 फ़रवरी को उन लोगों ने दोनों बच्चों के हाथ और पाँव बाँध कर उन्हें ज़िंदा नदी में फ़ेंक दिया। दोनों की लाशें यमुना नदी के किनारे उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से मिली हैं।
पुलिस ने इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों ने पुलिस को उस जगह का पता बताया था जहाँ उन्होंने प्रियांश और दिव्यांश को हाथ और पाँव बाँध कर नदी में फेंका था।
बच्चों की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्विटर पर कहा, “आज बाँदा में दो मज़लूम बच्चों की लाशें मिलीं। उनकी जानें गयीं और एक परिवार का भविष्य उजड़ गया। सरकारों की ज़िम्मेदारी है कि हर नागरिक को सुरक्षित रखे और दुःख है कि हाल यह है कि माँ बाप बच्चों को स्कूल भेजने से भी डरेंगे! देश की क़ानून व्यवस्था अब इससे ज़्यादा क्या बिगड़ेगी?”
बच्चों का परिवार उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में रहता है जबकि उनका स्कूल मध्य प्रदेश के चित्रकूट में था। मध्य प्रदेश पुलिस ने उनके बारे में जानकारी देने वालों केलिए 50,000 रूपये के इनाम की घोषणा की थी।
कहा जा रहा है कि जिस शख्स ने उनके अपहरण को अंजाम देने में अहम् भूमिका निभाई वो कोई और नहीं बल्कि बच्चो का ट्यूशन टीचर था।