पत्नी द्वारा कंपनी को दिए गए 1.14 करोड़ रुपये की अनियमितता के आरोपों पर CBI के अंतरिम डायरेक्टर नागेश्वर राव ने दी सफाई

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव ने मंगलवार (30 अक्टूबर) को उन मीडिया रिपोर्टों को ‘गलत और असत्य’ करार दिया, जिसमें उनकी पत्नी द्वारा एक निजी कंपनी में निवेश में अनियमितता बरतने के आरोप लगाए गए हैं। दरअसल, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि नागेश्वर राव की पत्नी एम संध्या और कोलकाता स्थित ट्रेडिंग कंपनी एंजेला मर्कन्टाइल प्राईवेट लिमिटेड (एएमपीएल) के बीच वित्त वर्ष 2011 से 2014 के दौरान कई बार पैसे का लेनदेन हुआ है।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा से 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी राव ने एक हस्ताक्षरित बयान में कहा कि उनके और उनकी पत्नी संध्या की ओर से किए गए लेन-देन और निवेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और वार्षिक संपत्ति रिटर्न में इस सबका जिक्र किया गया है। राव ने यह बयान उन मीडिया रपटों के बाद दिया है, जिसमें उनकी पत्नी पर मार्च 2011 में एंजेला र्मक टाइल प्राइवेट लिमिटेड(एएमपीएल) से 25 लाख रुपये कर्ज लेने का आरोप है। यह जानकारी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के रिकॉर्ड से मिली है।

राव ने हालांकि इन सभी रिपटों को खारिज कर दिया है। राव ने कहा, “2010 में, मेरी पत्नी ने हमारे दोस्त प्रवीण अग्रवाल से आंध्रप्रदेश के गुंटुर में एक अचल संपत्ति खरीदने के लिए 25 लाख रुपये का कर्ज लिया था।” उन्होंने कहा कि यह संपत्ति उनके गुंटुर में एक रिश्तेदार के. रत्ना ने संयुक्त रूप से खरीदी थी। उन्होंने कहा कि 2011 में, उनकी पत्नी ने कृषि संपत्ति के रूप में 5.12 एकड़ भूमि 30.72 लाख रुपये में बेची। दो महीने बाद उसने 6.05 एकड़ भूमि को 27.90 लाख रुपये में बेच दी। इस प्रकार 2011 में बेची गई भूमि से कुल 58.62 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई।

राव ने कहा, “इसके साथ और निजी बचत से जमा 1.38 लाख रुपये मिलाकर 2011 में एएमपीएल को 60 लाख रुपये भेजा गया, जिसने कर्ज राशि को काटकर 35 लाख रुपये निवेश के रूप में रख लिए।” उन्होंने कहा, “इसलिए किसी भी बेहिसाबी पैसे का सवाल ही नहीं उठना चाहिए। मैं सभी रपटों को खारिज करता हूं, क्योंकि सभी असत्य और गलत हैं।”

क्या है मामला?

अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के मुताबिक, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के रिकॉर्ड के मुताबिक नागेश्वर राव की पत्नी एम संध्या ने मार्च 2011 में एएमपीएल कंपनी से 25 लाख रुपए कर्ज लिए थे। इसके बाद संध्या ने इस कंपनी को 2012 से 2014 वित्त वर्ष के दौरान सालाना तीन किश्तों में 1.14 करोड़ रुपये लोन के रूप में दिया था। तीन साल में दी गई यह राशि 35.56 लाख, 38.27 लाख, 40.29 लाख रुपये है।

अखबार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2012 से 2014 के बीच संध्या ने तीन बार वर्ष 2012 में 35.56 लाख, वर्ष 2013 में 38.27 लाख और वर्ष 2014 में 40.29 लाख रुपए कंपनी को दी। अारओसी की सूची में कोलकाता के रहने वाले प्रवीण अग्रवाल एएमपीएल के डॉयरेक्टर के रूप में नामित हैं। प्रवीण ने इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर कहा, “संध्या हमारे पारिवारिक मित्र राव की पत्नी हैं। मैं राव को तब से जानता हूं, जब वे ओडिशा में अधिकारी थे। वे हमारे परिवार जैसे हैं। यदि आप किसी को पारिवारिक मित्र के तौर पर मानते हैं, तो उससे किसी तरह का कर्ज या निवेश लेने में परेशानी क्या है?”

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