असम में नागरिकता बिल पर शुक्रवार (8 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा।प्रधानमंत्री मोदी के शुक्रवार शाम गुवाहाटी शहर पहुंचने और हवाई अड्डे से राजभवन जाने के दौरान ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए और नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ नारेबाजी की। बता दें कि पीएम मोदी पूर्वोत्तर के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

पीटीआई के मुताबिक, आसू सदस्यों ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय के गेट पर प्रधानमंत्री को उस समय काले झंडे दिखाए जब वह लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से शाम करीब साढ़े छह बजे राजभवन की ओर जा रहे थे। आसू सदस्यों के एक अन्य समूह ने कुछ मिनट के बाद तेजी से जा रहे मोदी के काफिले को काले झंडे दिखाए। इस दौरान ‘मोदी वापस जाओ’, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक वापस लो’ जैसे नारे लगाए गये।
इससे पहले असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) और 70 सामाजिक संगठनों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान उन्हें काला झंडा दिखाने और आंदोलन करने की शुक्रवार को घोषणा की थी।विवादास्पद विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) प्रमुख अखिल गोगोई ने कहा कि शनिवार को पीएम मोदी के होने वाले दौरे को पूरे राज्य में ‘काला दिवस’ के तौर पर मनाया जाएगा और 70 संगठनों के सदस्य उन्हें काला झंडा दिखाएंगे।
#Assam: Protestors greet PM @narendramodi with black flags during his arrival in Guwahati#EastStory#NorthEastIndia pic.twitter.com/IkkBT4AHSX
— EastMojo (@EastMojo) February 8, 2019
केएमएसएस नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की देश में स्थिति ठीक नहीं है और उनकी रणनीति पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर से अधिकतम सीटें जीतने की है इसलिए बीजेपी ने नागरिकता संशोधन विधेयक की राह चुनी। आसू के प्रमुख सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने बताया कि उनके संगठन ने शुक्रवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मोदी के पुतले जलाए। लोकसभा में आठ जनवरी को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पारित किये जाने के बाद मोदी पहली बार असम के दौरे पर आ रहे हैं।