भारतीय जनता पार्टी के सांसद और सूचना-प्रौद्योगिकी पर गठित संसदीय समिति के प्रमुख अनुराग ठाकुर ने रविवार (10 फरवरी) को माइक्रो ब्लागिंग साइट ट्विटर को कार्रवाई की चेतावनी दी। बता दें कि शनिवार को ट्विटर के सीईओ और शीर्ष अधिकारियों ने सूचना-प्रौद्योगिकी यानी आईटी पर गठित संसदीय समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया। संसदीय समिति ने सोशल मीडिया मंचों पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट के अधिकारियों को तलब किया था।
अनुराग ठाकुर ने कहा है कि इस मुद्दे पर ट्विटर के खिलाफ संसदीय समिति उचित कार्रवाई करेगा। उन्होंने अपने ट्विट में लिखा है कि सूचना-प्रौद्योगिकी पर गठित संसदीय समिति ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हम 11 फरवरी को उचित कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से संसदीय समिति को अपनी चिंताओं और मुद्दों को ईमेल के माध्यम से भेजने को कहा है।
The Parliamentary Commitee on Information Technology takes very serious note of this.
We will take appropriate action on 11th February.
Citizens are welcome to send their concerns/issues via email to the Parliamentary Commitee.
comit@sansad.nic.in https://t.co/oKBzdoJkhV
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) February 9, 2019
दरअसल, बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति ने एक फरवरी को एक आधिकारिक पत्र लिखकर ट्विटर को सम्मन जारी किया था। लेकिन शनिवार (9 फरवरी) को समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के हवाले से खबर आई कि ट्विटर के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जैक डॉर्सी और उनकी कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने आईटी संसदीय समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया है।
समिति से जुड़े सूत्रों ने पीटीआई को यह जानकारी दी थी। हालांकि, ट्विटर की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई थी। लेकिन जैसे ही यह खबर फैली सोशल मीडिया यूजर्स अनुराग ठाकुर को ट्रोल करना शुरू कर दिए। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए ट्विटर कर पूछा कि क्या दक्षिणपंथी समूह अब ट्विटर का सामूहिक बहिष्कार करेगा?
वहीं, पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने अनुराग ठाकुर से पूछा कि आप अपना ट्विटर अकाउंट कब डिलीट कर रहे हैं? अनुराग ठाकुर के अलावा बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने भी ट्विटर को कार्रवाई की धमकी दी। बीजेपी प्रवक्ता व सांसद मीनाक्षी लेखी ने भी ट्विटर को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, ‘‘किसी भी देश में, किसी भी एजेंसी को उस देश की संस्थाओं का अपमान करने का हक नहीं है। अगर ट्विटर स्थापित संस्था संसद का निरादार कर रहा है तो उसके नतीजे भुगतने होंगे।’’
उन्होंने आगे कहा कि नतीजे भुगतने होंगे क्योंकि किसी भी लोकतांत्रिक देश की संस्थाओं का वैश्विक शक्तियों द्वारा सम्मान करने की जरुरत है। यदि किसी प्रकार का उल्लंघन होता है तो उनके नतीजे होते हैं। संस्थाओं का सम्मान करने की जरूरत है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता घनश्याम तिवारी ने ट्वीट कर लिखा, “शर्म हो तो BJP IT Cell प्रोटेस्ट में अपने ट्वीटर एकाउंट डिलीट करे! इनकी बचकानी हरकत ने संसदीय समीति की गरिमा धूमिल की है। सोशल मीडिया पर मोदी मैजिक में मस्त सरकार फेसबुक व्हाट्सएप ट्वीटर जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के सामने मज़बूर है। Twitter CEO हों या Facebook CEO, इसे जानते हैं!”
देखिए, सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन
Will the right wing ecosystem organise a mass boycott of @twitter now? Let’s start with all the “proud to be followed by……..” ones. After all Twitter just thumbed it’s nose at them.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) February 9, 2019
शर्म हो तो BJP IT Cell प्रोटेस्ट में अपने ट्वीटर एकाउंट डिलीट करे!
इनकी बचकानी हरकत ने संसदीय समीति की गरिमा धूमिल की है।
सोशल मीडिया पर मोदी मैजिक में मस्त सरकार फेसबुक व्हाट्सएप ट्वीटर जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के सामने मज़बूर है।
Twitter CEO हों या Facebook CEO, इसे जानते हैं! https://t.co/I8ei8MwrDB— Ghanshyam Tiwari (@ghanshyamtiwari) February 9, 2019
Dear @ianuragthakur quite a snub you got India. When will you delete your account? Maybe also boycott Hermes https://t.co/o4Rd3G7asx
— Swati Chaturvedi (@bainjal) February 9, 2019
प्रवचन देने के लिए ट्विटर पर अब भी मौजूद हैं! सच्चे देशभक्त होते तो ट्वीट नहीं करते अकाउंट डिलीट करते. अब भी देरी नहीं हुई है अपमान का बदला लीजिए. अपने आकाओं से भी कहिए कि अकाउंट डिलीट करें। रोका किसने है? इंतजार किस बात का?
— Akhilesh Chandra (@achandra16) February 9, 2019
#TwitterInsultsIndia. मेरा सभी भक्तों से यह गुजारिश है कि आप लोगों में अगर दम है तो ट्विटर से अपना अपना अकाउंट डिलीट करवा कर इस चीज का विरोध करो.
— Diptanu sinha (@Diptanusinha) February 9, 2019
भक्तो कुछ शर्म जैसा बचा हो तो ट्विटर अनइंस्टॉल कर दो, हेंडल डिलीट कर दो#ProtestAgainstTwitter
— Prashant Leuva (@prashant_leuva) February 3, 2019
सर जी अब पूरा सदन अपने ट्विटर अकाउंट डिलीट करेंगे…?
— Yoggesh Khatri (@yoggesh_khatri) February 9, 2019
जिस दिन मूड खराब हूआ पूरा ट्वीटर जुतवा दूंगा ट्रैक्टर से।??? pic.twitter.com/Zd2OsgTmtQ
— #tractor {राज} (@NamastyIndia) February 1, 2019
इस बीच नवभारत टाइम्स ने दावा किया है कि ट्विटर की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया है कि कंपनी के सीईओ भारत की संसदीय समिति से मिलने के लिए तैयार हैं। दोनों पक्षों की सहमति के साथ किसी तारीख को मिलने के लिए लिए तय की जाए। ट्विटर ने कहा कि वे परिचर्चा से इनकार नहीं कर रहे हैं। संसदीय समिति की बैठक पहले सात फरवरी को होनी थी लेकिन ट्विटर के सीईओ और अन्य अधिकारियों को अधिक समय देने के लिए बैठक को 11 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
शनिवार को सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि यात्रा के लिए 10 दिन का समय दिए जाने के बावजूद ट्विटर ने ‘कम समय में सुनवाई नोटिस देने’ को वजह बताते हुए समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश में लोगों की डेटा सुरक्षा और सोशल मीडिया मंचों के जरिए चुनावों में हस्तक्षेप को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
वहीं, कुछ दिन पहले दक्षिणपंथी संगठन और ट्रोलर्स यूथ फॉर सोशल मीडिया डेमोक्रेसी के सदस्यों ने ट्विटर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया था कि ट्विटर ने ‘दक्षिणपंथ विरोधी रुख’ अख्तियार किया है और उनके ट्विटर खातों को बंद कर दिया है। हालांकि, ट्विटर ने इन आरोपों से इनकार किया है। ट्विटर का कहना है कि वह विचारधारा के आधार पर भेदभाव नहीं करता। बीजेपी समर्थक यूथ फॉर सोशल मीडिया डेमोक्रेसी के कुछ लोगों ने इस बारे में अनुराग ठाकुर को भी पत्र लिखा था।