आम आदमी पार्टी (आप) की नेता व चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कुछ नेताओं से उनसे संपर्क किया है और पार्टी में आने का दिया न्योता दिया है। इस बात की जानकारी अलका लांबा ने खुद ट्वीट कर दी है।

अलका लांबा ने बुधवार (13 मार्च) को ट्वीट कर लिखा, “मैं बीजेपी के उन नेताओं का धन्यवाद करती हूँ जो पिछले कुछ दिनों से मुझे यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी में मेरा भविष्य बेहतर रहेगा। मैं राजनीति में अपना भविष्य नही बल्कि उनका भविष्य बनाने आई हूँ जिनके कांधों पर इस देश का भविष्य टिका हुआ है, ग़रीब-किसान-मजदूर। यह लड़ाई विचारों की है।”
अलका लांबा ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “हो सकता है कि मैं इन चुनावों में किसी एक दल और नेता के साथ खड़ी ना दिखूँ, पर देशहित में जो भी दल-नेता फैसला लेगा मैं उसके उस फैसले के साथ जरूर खड़ी दिखूंगी, यह चुनाव देश का चुनाव है, देश से सीधे जुड़े मुद्दों का चुनाव है, युवाओं का, किसानों का, महिलाओं का, मजदूरों का चुनाव है।”
हो सकता है कि मैं इन चुनावों में किसी एक दल और नेता के साथ खड़ी ना दिखूँ, पर देशहित में जो भी दल-नेता फैसला लेगा मैं उसके उस फैसले के साथ जरूर खड़ी दिखूंगी,
यह चुनाव देश का चुनाव है,देश से सीधे जुड़े मुद्दों का चुनाव है, युवाओं का , किसानों का , महिलाओं का, मजदूरों का चुनाव है। https://t.co/qXAdDc6hfp— Alka Lamba (@LambaAlka) March 13, 2019
हालांकि, अलका लांबा के इस दावे पर अभी तक बीजेपी के किसी भी नेताओं की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि अलका के इन दावों पर बीजेपी क्या कहती है।
बता दें कि पिछले दिनों ऐसी ख़बरे आई थी कि अलका लांबा पार्टी नेतृत्व से पिछले कुछ समय से नाराज चल रहीं है। हाल ही में अलका लांबा ने पार्टी नेतृत्व पर उन्हें कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए पूछा था कि उन्हें कमज़ोर करके पार्टी को क्या लाभ होगा?
उल्लेखनीय है कि हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न सम्मान वापस लेने सम्बंधी आप विधायकों के विधान सभा में पेश कथित प्रस्ताव का विरोध करने के बाद से लांबा से पार्टी नेतृत्व नाराज़ है। पिछले साल दिसंबर में खबर आई थी कि आम आदमी पार्टी ने विधायक अलका लांबा से उनकी विधायकी और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा मांगा था। हालांकि, बाद में आप ने इस दावे को खारिज कर दिया था।