छत्तीसगढ़ प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी पूर्व सांसद करूणा शुक्ला समेत लगभग 70 लोगों के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने एवं रायपुर स्थित बीजेपी कायार्लय पर कथित तौर पर उपद्रव करने की पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
File Photo: AFPरायपुर के मौदहापारा थाने में की गई शिकायत में कहा गया है कि बघेल और करूणा शुक्ला ने अटल स्मारक निर्माण हेतु प्रदेश के गांव-गांव के पवित्र स्थान से लाई गई मिट्टी रखे हुई कलश को अटल अस्थि कलश बताने के भ्रामक प्रचार करने और अपने कांग्रेस के साथी किरणमयी नायक, रुचिर गर्ग, शैलेश नितिन त्रिवेदी, धनंजय त्रिवेदी, विनोद तिवारी आदि कार्यकतार्ओं के साथ एक राय होकर बीजेपी कायार्लय में उपद्रव करने की नीयत से घुसने का प्रयास किया।
हिंदुस्तान के मुताबिक, बीजेपी विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नरेश गुप्ता, बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को शिकायत में बताया कि 16 अक्टूबर को दोपहर में कांग्रेस नेत्री करुणा शुक्ला, श्रीमती किरणमयी नायक, भूपेश बघेल, रुचिर गर्ग, शैलेश नितिन त्रिवेदी, धनंजय सिंह सहित 60-70 कांग्रेस कार्यकतार्ओं के साथ बीजेपी कायार्लय में धावा बोल दिया एवं भीड़ द्वारा नारे लगाते हुए वहां उपस्थित पदाधिकारियों के लिए अश्लील शब्दों का उपयोग किया। पुलिस ने कल ही इस मामले में अपनी तरफ से सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज किया था।
अटलजी की अस्थियां को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में नोकझोंक
दरअसल, एजेंसी IANS के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां लेने मंगलवार (16 अक्टूबर) को अचानक उनकी भतीजी और कांग्रेस नेत्री करुणा शुक्ला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यालय एकात्म परिसर पहुंचीं, यहां बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता अटल बिहारी अमर रहे के नारे लगाते रहे। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों को हिरासत में लिया है।
बीजेपी सूत्रों ने बताया कि कार्यालय में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक हो रही थी। इस दौरान कांग्रेस नेत्री करुणा शुक्ला और उनके साथ आए कांग्रेसियों ने बीजेपी कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। वे कार्यालय के गेट पर बैठकर अटलजी की अस्थियों की मांग करने लगे। सूत्र ने बताया कि पुलिस कांग्रेसियों को वहां से हटाने का प्रयास कर रही थी कि कार्यालय के अंदर से बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव अपने समर्थकों के साथ बाहर आ गए। वे कांग्रेसियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन पर दलबदलू होने का आरोप लगाया। दोनों ओर से नारेबाजी होने से माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। इस घटना के बारे में संजय श्रीवास्तव ने कहा कि अटलजी का स्मारक बनाने के लिए मिट्टी कलश में एकत्र कर बीजेपी कार्यालय में रखी गई है, और इन्हें (करुणा) अटलजी के अपमान की चिंता थी तो वह कलश यात्रा में क्यों शामिल नहीं हुईं। एक सूत्र ने बताया कि कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी के साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं की जबरदस्त नोकझोंक हुई।