मुंबई: फुटओवर ब्रिज हादसे के लिए पीड़ितों को ही दोषी ठहराने वाली संजू वर्मा से BJP ने झाड़ा पल्ला, ट्विटर ने खोली पोल

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दक्षिण मुंबई में गुरुवार (14 मार्च) शाम छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा हो गया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बाहर एक फुट ओवर ब्रिज का हिस्सा ढहने के बाद अब तक छह लोगों की मौत हो गई है और 32 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे को लेकर पुलिस ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और भारतीय रेलवे के अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

इस बीच एक चौंकाने वाला बयान देते हुए सत्तारूढ़ बीजेपी की एक प्रवक्ता संजू वर्मा ने सनसनीखेज रूप से मुंबई के फुट ओवरब्रिज ढहने के पीड़ितों को ही उनकी मौत और चोटों के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। संजू वर्मा ने टाइम्स नाउ चैनल पर एक टीवी डिबेट में भाग लेते हुए यह चौंकाने वाला शर्मनाक बयान दिया। बीजेपी नेता ने पैदल चलने वालों को ही इस हादसे का जिम्मेदार बताया है।

टाइम्स नाउ के एक शो में एंकर से बातचीत के दौरान संजू ने पहले इसे एक प्राकृतिक आपदा बताया और बाद में सरकार का इस घटना से पल्ला झाड़ने के साथ ही कहा कि पुल टूटने से सरकार का कोई लेना देना नहीं है। बल्कि इसके लिए पैदल चलने वाले ही जिम्मेदार है। इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर संजू वर्मा और बीजेपी की जमकर किरकिरी हो रही है और लोग खरीखोटी सुना रहे हैं।

संजू वर्मा से बीजेपी से झाड़ा पल्ला

सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना के बैकफुट पर आई बीजेपी ने इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए संजू वर्मा से सीधे तौर पर पल्ला झाड़ लिया है। किरकिरी होता देख महाराष्ट्र बीजेपी ने एक बयान जारी कहा कि संजू वर्मा बीजेपी की प्रवक्ता नहीं है। पार्टी के बयान में कहा गया है कि सुश्री संजू वर्मा बीजेपी की प्रवक्ता नहीं है और टाइम्स नाउ को उनका वर्णन नहीं करना चाहिए। बीजेपी को आपदा के पीड़ितों और शहर के सैकड़ों हजारों पैदल यात्रियों के साथ पूरी सहानुभूति है।

हालांकि, बीजेपी के दावों के विपरीत के आधिकारिक ट्विटर हैंडल में दावा किया गया है कि वह महाराष्ट्र में भगवा पार्टी के ‘मुख्य प्रवक्ता’ हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मृतकों को परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये देने और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने गुरुवार को हुई इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने का भी आदेश दिया है। वहीं रेलवे, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और बीएमसी की टीमें शुक्रवार को घटनास्थल का मुआयना कर रही हैं।

प्रसिद्ध सीएसएमटी स्टेशन के साथ टाइम्स ऑफ इंडिया इमारत के पास वाले इलाके को जोड़ने वाले इस फुटओवर ब्रिज को आम तौर पर ‘कसाब पुल’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान आतंकवादी इसी पुल से गुजरे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पीटीआई को बताया कि जब पुल ढहा तब पास के सिग्नल पर लाल बत्ती के चलते ट्रैफिक रुका हुआ था और इसी कारण से ज्यादा मौतें नहीं हुई।

वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था, इसके बावजूद इसका इस्तेमाल किया गया। अधिकारी ने बताया कि घटना शाम साढ़े सात बजे हुई जब पुल का अधिकांश हिस्सा गिर गया। वहीं, बीएमसी आपदा नियंत्रण ने आईएएनएस से कहा, “पिछले 18 महीनों में शहर में फुटओवर ब्रिज गिरने गिरने की यह तीसरी घटना है। यह घटना गुरुवार शाम 7.35 पर तब घटी, जब पुल पर जरूरत से ज्यादा लोगों का वजन बढ़ गया।”

 

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