पढ़ें, ब्लास्ट केस में 23 साल जेल की कैद के बाद बाइज्जत बरी हुए कश्मीरी मुस्लिम शख्स की दर्दनाक कहानी, घर लौटने पर नहीं मिले माता-पिता तो कब्र पर फूट-फूटकर रोया

0

राजस्थान हाई कोर्ट ने 23 वर्ष पुराने समलेटी बमकांड में छह आरोपियों को मंगलवार को बरी कर दिया, जबकि दो आरोपियों को सुनाई गई मौत की सजा और उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। वर्ष 1996 में दौसा जिले के समलेटी क्षेत्र में बमकांड में 14 लोगों की मौत हो गई थी।

पीटीआई के मुताबिक, राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सोमवार को रईस बेग, जावेद खान, लतीफ अहमद, मोहम्मद अली भट्ट, मिर्जा निसार हुसैन और अब्दुल गनी को बरी कर दिया। दौसा के बांदीकुई की स्थानीय अदालत ने सितंबर 2014 में सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। न्यायालय ने डॉ. अब्दुल हमीद को सुनाई गई मौत की सजा और पप्पू उर्फ सलीम को सुनाई गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

मामले में बरी हुए लोगों के वकील शाहिद हुसैन ने बताया कि खंडपीठ ने दिए गए निर्णय में माना कि अभियोजन पक्ष सभी छह लोगों के खिलाफ आरोप सिद्व करने में नाकाम रहा। बरी किए गए लोगों में से रईस बेग आगरा का रहने वाला है जबकि पांच अन्य लोग जम्मू-कश्मीर से संबंध रखते हैं।

23 साल की कैद के बाद बरी हुए पांच अभियुक्त

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार (23 जुलाई) को शाम 5:19 बजे लतीफ अहमद बाजा (42), मोहम्मद अली भट्ट (48), मिर्जा निसार (39), अब्दुल गोनी (57) और रईस बेग (56) ने 23 साल बाद जेल से बाहर कदम रखा। बेग को 8 जून, 1997 को जेल भेजा गया था। जबकि बाकी अन्य लोगों को 17 जून, 1996 से 27 जुलाई 1996 के दौरान जेल में बंद किया गया। उस दौरान उन्हें दिल्ली और अहमदाबाद की जेलों में रखा गया, लेकिन किसी को भी पैरोल या जमानत पर नहीं छोड़ा गया।

राजस्थान हाई कोर्ट ने सोमवार (23 जुलाई) को इन सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी करते हुए कहा कि अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ षडयंत्र में शामिल होने के सबूत नहीं पेश कर सका है। साथ ही, उनके व मुख्य आरोपी डॉ. अब्दुल हमीद के बीच कोई लिंक भी साबित नहीं हो पाया। इस मामले में डॉ. अब्दुल हमीद को सजा-ए-मौत मिली थी। रिहाई के बाद इन अभियुक्तों का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले वो एक दूसरे को नहीं जानते थे। ये लोग अब पूछ रहे हैं कि हम बरी तो हो गए हैं लेकिन जो समय हमें जेल में गुजारना पड़ा उसे कौन वापस लाएगा।

बरी होकर घर लौटा तो नहीं मिले मां-बाप, कब्र पर फूट-फूटकर रोया

जेल से रिहा होने के बाद मोहम्मद अली भट्ट सबसे पहले अपने घर श्रीनगर पहुंचे, जहां उन्हें अपने माता-पिता की मौत का पता चला। माता-पिता की मौत की खबर सुनने के बाद वह उनकी कब्र पर गए और फूट-फूटकर रोने लगे। अली भट्ट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कारपेट का कारोबार करने वाले भट्ट ने अपने जीवन के 23 साल कीमती समय जेल में बिता दिए। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता व अपने जीवन के अहम समय खो दिए।

अली का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि उनके जीवन के 23 साल कहां गए? इनके 23 साल कहां गए का जवाब सभी को मालूम है- जेल में। लेकिन उन 23 सालों के बर्बाद हो जाने का जिम्मेवार कौन है? आखिर किसी की जवाबदेही तय होगी? इन मुस्लिम अभियुक्तों के परिवार ने जो झेला उन सारी तकलीफों के लिए कौन जवाब देगा, इन सवालों का कोई जवाब मालूम नहीं है।

दौसा जिले की बांदीकुई की सत्र अदालत ने सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने और विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी माना था। स्थानीय अदालत ने एक आरोपी फारूख अहमद खान को बरी कर दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने स्थानीय अदालत द्वारा आरोपी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। लेकिन हाई कोर्ट की खंडपीठ ने आरोपी खान के मामले में स्थानीय अदालत के फैसले को बरकरार रखा।

22 मई 1996 को बीकानेर से आगरा जा रही राजस्थान रोडवेज की बस में हुए बमकांड में 14 लोगों की मौत हो गई थी और 37 लोग घायल हो गए थे। बांदीकुई की स्थानीय अदालत ने हमीद को बमकांड का मुख्य आरोपी माना था और सलीम को हथियार सप्लाई करने का दोषी माना था। इस मामले के अलावा हमीद 26 जनवरी 1996 में जयपुर के सवाईमान सिंह स्टेडियम में बम लगाने का मुख्य आरोपी था।

इस मामले में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें से अब तक सात लोग बरी हो चुके हैं। एक आरोपी को साल 2014 में ही बरी कर दिया गया था। इसके अलावा छह आरोपी भी बरी कर दिए गए। आरोपी में से पांच जेल से बाहर आ गए हैं, जबकि एक लाजपत नगर बम धमाका मामले में आरोपी है और तिहाड़ जेल में बंद है। राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी हमीद को फांसी की सजा और पप्पू सलीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है।

 

Previous articleAAP विधायक अलका लांबा का अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप, बोलीं- अब बदले की भावना से काम कर रहे हैं सीएम
Next articleWATCH- Smriti Irani expresses displeasure at own MP after his remarks on seeing ‘nude photos’ of prominent Indian politicians