कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और न्यायाधिकरण के अध्यक्षों के कई रिक्त पदों की ओर इशारा करते हुए पी चिदंबरम ने शनिवार को आरोप लगाया कि सरकार इन रिक्तियों को भरने में सक्षम नहीं है क्योंकि वह ऐसे लोगों की तलाश कर रही है जो इसके प्रतिगामी दर्शन और विचारधारा से सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वीकृत 1080 पदों में से 416 रिक्त हैं।
पी चिदंबरम ने शनिवार (7 अगस्त) को अपने ट्वीट में लिखा, “उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वीकृत 1080 पदों में से 416 रिक्त हैं। न्यायाधिकरणों में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। कई न्यायाधिकरणों के अध्यक्ष के पद रिक्त हैं! इनमें डीआरटी, एनसीएलएटी, टीडीसैट आदि शामिल हैं।”
उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा, “7 साल से सत्ता पर काबिज श्री मोदी की सरकार इन रिक्तियों को भरने में सक्षम या इच्छुक क्यों नहीं है?”
कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, “देश में इन रिक्तियों को भरने के लिए योग्य वकीलों और न्यायाधीशों की कमी नहीं है। असल कारण यह है कि सरकार ऐसे लोगों की तलाश में है जो इसके प्रतिगामी दर्शन और विचारधारा के प्रति सहानुभूति रखेंगे।”
देश में इन रिक्तियों को भरने के लिए योग्य वकीलों और न्यायाधीशों की कमी नहीं है।
असल कारण यह है कि सरकार ऐसे लोगों की तलाश में है जो इसके प्रतिगामी दर्शन और विचारधारा के प्रति सहानुभूति रखेंगे।
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 7, 2021



















