हरियाणा के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड मामले में अदालत ने दोषी करार दिए गए तौसीफ और रेहान को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। इससे पहले कोर्ट ने बुधवार को तौसीफ और रेहान को निकिता की हत्या का दोषी ठहराया था जबकि मामले में एक आरोपी अजहरुद्दीन को बरी कर दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की फास्ट ट्रैक अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें नीमका जेल भेज दिया। दोनों को निकिता की हत्या व हत्या की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था।
अभियोजक पक्ष के वकील एदल सिंह रावत ने बताया कि तौसीफ और रेहान को हत्या, साजिश रचने व विवाह के लिए अपहरण की कोशिश करने का दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि तौसीफ को अवैध हथियार रखने का भी दोषी ठहराया गया है।
रावत ने कहा कि इन धाराओं के तहत अधिकतम फांसी की सजा का प्रवधान है और वह इसके लिए अपील करेंगे। अदालत ने इस बेहद चर्चित मामले का पांच महीने के अंदर निपटारा किया है। मामले में अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिक एवं अन्य सबूतों के साथ 57 गवाहों को भी पेश किया।
फ़रीदाबाद पुलिस ने बल्लभगढ़ में हुए निकिता तोमर हत्याकांड में 6 नवंबर को चार्जशीट दायर की थी। हत्याकांड के 11 दिन में चार्जशीट दाखिल की गई थी। 600 पेज की चार्जशीट में 60 के करीब गवाह थे। पुलिस ने CCTV में कैद वारदात में तौसीफ़, रेहान और पिस्तौल की आपूर्ति करने वाले अजरूद्दीन को आरोपी बनाया था।
गौरतलब है कि, पिछले वर्ष 26 अक्टूबर को बीकाम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर जब परीक्षा देकर कॉलेज से बाहर निकली थी तभी तौसीफ और रेहान ने उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश की और असफल होने पर तौसीफ ने तमंचे से गोली मारकर निकिता की हत्या कर दी थी।
वारदात का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था। तौसीफ़ हत्या के इरादे से 26 अक्टूबर को निकिता के विद्यालय अग्रवाल कॉलेज पहुंचा था। (इंपुट: भाषा के साथ)