नेपाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब द्वारा हाल में दिए गए उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से कहा था कि पार्टी जल्द ही हिमालयी राष्ट्र में अपनी सरकार बनाएगी।

नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ज्ञवाली ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की कि नेपाल सरकार ने भारत के सत्ताधारी दल के नेता की टिप्पणी पर अपनी औपचारिक आपत्ति जता दी है। ज्ञवाली ने एक नेपाली ट्विटर उपयोगकर्ता के एक ट्वीट के जवाब में कहा, ‘‘औपचारिक रूप से आपत्ति जतायी जा चुकी है।’’
‘माई रिपब्लिका’ समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारत में नेपाल के राजदूत नीलाम्बर आचार्य ने अरिन्दम बागची में समक्ष सरकार की आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई है। बागची भारत के विदेश मंत्रालय में नेपाल और भूटान मामलों के प्रभारी संयुक्त सचिव हैं।
बिप्लब कुमार देब ने शनिवार को कहा था कि अमित शाह ने भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए पार्टी के नेताओं से कहा था कि भाजपा अन्य क्षेत्रीय देशों में ‘आत्मनिर्भर दक्षिण एशिया’ पहल के तहत शासन स्थापित करेगी।
बिप्लब देब ने 2018 की बातचीत के आधार पर दावा किया था कि, “हम अतिथिगृह में बात कर रहे थे तब अजय जम्वाल (भाजपा के उत्तर-पूर्व जोनल सचिव) ने कहा कि भाजपा ने कई राज्यों में अपनी सरकार बनाई। जवाब में अमित शाह ने कहा कि अभी श्रीलंका और नेपाल बाकी है। हमें पार्टी का विस्तार करना है। हमें श्रीलंका और नेपाल में सरकार बनाने के लिए पार्टी का विस्तार करना है।”
बता दें कि, इससे पहले सोमवार को श्रीलंका के चुनाव आयोग के अध्यक्ष निमल पुंचीहेवा ने द्वीपीय देश में एक राजनीतिक इकाई स्थापित करने की भाजपा की कथित योजना के उल्लेख संबंधी खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि देश का चुनाव कानून इस तरह की व्यवस्था की अनुमति नहीं देता है। (इंपुट: भाषा के साथ)