दिल्ली घराना के संगीतकार उस्ताद अहमद इकबाल खान का 66 साल की उम्र में गुरुवार सुबह निधन हो गया है। उनके निधन का कारण कार्डिक अरेस्ट बताया जा रहा है। खान के परिवार के एक सदस्य ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि संगीतकार ने गुरुवार की सुबह अंतिम सांस ली।
समाचार एजेंसी पीटीआई (भाषा) से बातचीत में उनके दामाद इमरान खान ने कहा, “गुरुवार सुबह प्रार्थना के दौरान उन्हें हृदयाघात हुआ जिसके बाद हम उन्हें पास में दरियागंज के एक अस्पताल में ले गए। उन्हें वहां मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर ने कहा कि उन्हें हृदयाघात हुआ था।” दिल्ली घराने के संरक्षक उस्ताद इकबाल अहमद खान को भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभिन्न शैलियों ‘ठुमरी’, ‘दादरा’,‘भजन’ और ‘गजलों’ में बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाना जाता था।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्विटर पर गायक की मौत पर शोक जताया। कलाकार की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “दिल्ली घराने के खलीफा उस्ताद इकबाल अहमद खान अब नहीं रहे। दिल्ली के समृद्ध संगीत इतिहास के अग्रदूत और एक उदार गुरु के रुप में आप बहुत याद आएंगे। उनके शिष्यों और परिवार के प्रति संवेदना।”
The khalifa of Dilli Gharana, Ustad Iqbal Ahmed Khan is no more. An unmatched repository of Delhi's rich musical history & a generous guru, he will be missed by all. Condolences to his disciples & family. pic.twitter.com/XY3RgIv9cu
— Manish Sisodia (@msisodia) December 17, 2020
सरोद वादक अमजद अली खान ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली घराने के जाने-माने गायक उस्ताद इकबाल अहमद खान के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उनकी विरासत अपने संगीत के माध्यम से हमेशा जीवित रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।
बॉलीवुड गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर इकबाल अहमद खान से अपनी बातचीत साझा करते हुए लिखा, ‘‘दिल्ली घराने के प्रमुख उस्ताद इकबाल अहमद खान साहब के निधन से स्तब्ध और दुखी हूं। मैंने इंडियन आइडल 2020 के दौरान उनके साथ बातचीत की थी और वह संगीत और सभी संगीतकारों के बारे में बहुत सहानुभूति रखते थे। मैंने आशा की थी कि महामारी खत्म होने के बाद मैं जाकर उनसे मिलूंगा।”
Shocked & saddened by the demise of #UstadIqbalAhmedKhan Sahab, head of the Delhi Gharana. I had a brief interaction with him during #IndianIdol2020, & he seemed very kind and empathetic about music & all musicians. I'd hoped to go & meet him in person once the pandemic was over.
— VISHAL DADLANI (@VishalDadlani) December 17, 2020
इकबाल अहमद खान ने प्रियदर्शनी पुरस्कार (2001) और राजीव रतन सद्भावना सम्मान (2003) सहित कई सम्मान अर्जित किए थे। इमरान ने कहा, ‘उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार शाम को निजामुद्दीन दरगाह के पास दिल्ली घराने के पैतृक कब्रिस्तान में किया गया।’