उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डीआईजी चंद्र प्रकाश की पत्नी ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने हालांकि आत्महत्या का कारण बताने से फिलहाल इनकार किया है।
सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में डीआईजी की 36 वर्षीय पत्नी पुष्पा प्रकाश ने सुबह करीब 11 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आनन-फानन कुछ लोगों की मदद से पुष्पा को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चंद्रप्रकाश पीटीसी उन्नाव में डीआईजी पद पर तैनात हैं।
डीआईजी की पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या क्यों की, अभी तक साफ नहीं हो पाई है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। डीआइजी के परिवार में दो बेटियां अनन्या, कृष्का व एक बेटा दिव्यांश है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि पुष्पा प्रकाश ने खुदकुशी से पहले पति को फोन किया था। उन्होंने कहा आपकी जिंदगी आपको मुबारक हो। उस वक्त डीआईजी अपने घर से ड्यूटी के लिए गोरखपुर के लिए निकल चुके थे। पत्नी का फोन आते ही वह तुरंत लौट आए।
बता दें कि, हाथरस कांड की जांच के लिए गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय एसआईटी में डीआईजी चंद्र प्रकाश भी बतौर सदस्य शामिल हैं। हाथरस कांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआइटी गठित कर पूरे प्रकरण के हर पहलू की पड़ताल कराने का निर्देश दिए गए थे। चंद्र प्रकाश-द्वितीय की साफ-सुथरी छवि है और इनकी गिनती ईमानदार अफसरों में होती है। (इंपुट: आईएएनएस के साथ)